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राजनीति

चुनाव आयोग ने सात राज्यों में छूटे मतदाताओं को फिर से नाम जोड़ने का मौका दिया

आयोग ने छूटे मतदाताओं की सूची दोबारा दिखाने और नए फॉर्म भरवाने के निर्देश दिए हैं। बूथ अधिकारी ECINET के ज़रिए ऑनलाइन आवेदन में मदद करेंगे।

Parliament of India in New Delhi 01
प्रतीकात्मक फोटो: Parliament of India in New Delhi 01. Photo: Pinakpani / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने उन मतदाताओं को एक और मौका दिया है, जिनके नाम मसौदा मतदाता सूची से हट गए थे। यह फैसला 6 नवंबर को लिया गया।

इसमें दिल्ली समेत सात राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।

यह खबर आज चर्चा में है, क्योंकि चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कई नाम मसौदा सूची से बाहर रह गए। इसी वजह से आयोग ने यह कदम उठाया है।

एक नज़र में

  • Absent, Shifted, Dead या Duplicate (ASDD) श्रेणी के मतदाताओं के नाम मसौदा सूची से हटे थे।
  • बूथ लेवल अधिकारी ECINET के ज़रिए ऑनलाइन फॉर्म जमा करने में मदद करेंगे।
  • मतदाता अपना पुराना EPIC नंबर इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • प्रक्रिया के दौरान डुप्लीकेट नामांकन रोकना होगा।

तो इसका फायदा किसे मिल सकता है?

आयोग ने ASDD श्रेणी के मतदाताओं पर खास ध्यान दिया है। इन मतदाताओं के नाम मसौदा सूची से हटा दिए गए थे।

सीएनबीसी टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक, इन मतदाताओं के गणना फॉर्म जारी हुए थे, लेकिन वापस नहीं आए।

वहीं केरल कौमुदी की रिपोर्ट में कहा गया है कि फॉर्म मिल गए थे, और नाम कई कारणों से हटे। दोनों रिपोर्टों में यह अंतर है।

फ्री प्रेस जर्नल के मुताबिक, इसका मकसद उन मतदाताओं की मदद करना है, जिनके नाम सत्यापन के दौरान गलतियों की वजह से छूट गए हों।

मतदाता अब क्या कर सकते हैं?

अधिकारी छूटे हुए मतदाताओं की सूची दोबारा प्रदर्शित करेंगे। यह सूची मतदान केंद्रों और स्थानीय निकायों में दिखाई जाएगी।

सूची राज्यों की वेबसाइट पर PDF फॉर्मेट में भी उपलब्ध होगी। मतदाता फॉर्म भरते समय अपना पुराना EPIC नंबर लिख सकते हैं।

राज्य के भीतर घर बदलने वाले मतदाताओं और बेघर लोगों के लिए खास व्यवस्था की गई है। बूथ अधिकारी उनसे संपर्क करेंगे और आवेदन में मदद करेंगे।

आगे प्रक्रिया कैसे चलेगी?

आयोग ने अधिकारियों से एक निगरानी व्यवस्था बनाने को कहा है। मकसद यह है कि कोई भी पात्र मतदाता अंतिम सूची से बाहर न रहे।

अधिकारियों को कार्रवाई रिपोर्ट भी जमा करनी होगी। उन्हें इस मौके की जानकारी व्यापक स्तर पर देने को कहा गया है।

साथ ही, आयोग ने डुप्लीकेट एंट्री रोकने की भी चेतावनी दी है। इसका लक्ष्य मतदाता सूची को सही और भरोसेमंद बनाए रखना है।


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