छत्तीसगढ़ आवास एवं अधोसंरचना विकास मंडल (CGHIDB) ने 2024 से मध्य 2026 के बीच 7,650 घर बेचे और सौंपे हैं।
यह संख्या पिछले पांच साल में बिके घरों के लगभग बराबर है।
मंडल की सालाना आय दोगुनी हो गई है। अब यह 600 करोड़ रुपये से ज़्यादा है। यह जानकारी द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दी गई है।
एक नज़र में
- 2024 से मध्य 2026 के बीच 7,650 घर बेचे या सौंपे गए।
- सालाना आय दोगुनी होकर 600 करोड़ रुपये से ज़्यादा हो गई।
- विवाद निपटान योजना से 1,600 से ज़्यादा परिवारों और खरीदारों को फायदा मिला।
- खरीदार अब कब्ज़ा पा सकते हैं और कई सेवाएं ऑनलाइन ले सकते हैं।
तो इस बदलाव के पीछे क्या है?
मंडल इस बदलाव का श्रेय नीतिगत बदलावों, प्रशासनिक सुधारों और घर खरीदना आसान बनाने के कदमों को देता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, आवास मंत्री ओपी चौधरी और बोर्ड अध्यक्ष अनुराग सिंह देव इस प्रयास में शामिल रहे।
पहला कदम था पुराने विवादों और बकाया राशि का निपटारा।
एक पारदर्शी निपटान योजना से 1,600 से ज़्यादा परिवारों और खरीदारों को अपने कागज़ात पूरे करने में मदद मिली।
दूसरा कदम था बिना बिके फ्लैटों के लिए नया रास्ता।
खुली अपील के बाद स्थानीय अस्पतालों, विश्वविद्यालयों और संस्थाओं को अपने कर्मचारियों के लिए आवास समूह खरीदने के लिए बुलाया गया।
सरकारी कल्याण योजनाओं के पात्र परिवारों को पूरी सब्सिडी मिलती रही। सार्वजनिक संस्थानों ने सामान्य बाज़ार दर पर घर खरीदे।
घर खरीदने वालों के लिए क्या बदला?
अब खरीदारों को बिक्री विलेख के पंजीकरण के समय कब्ज़ा मिल जाता है। उन्हें मंडल के दफ्तरों के अलग चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
एक खिड़की वाली नीलामी व्यवस्था और डिजिटल सेवाएं भी शुरू की गईं।
खरीदार आवंटन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं, त्रिपक्षीय समझौते ले सकते हैं और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) पा सकते हैं।
वे खाते का विवरण देख सकते हैं और किस्तें ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
मंडल के आयुक्त आवनीश शरण ने कहा कि यह डिजिटल व्यवस्था खरीदारों को घर बैठे ये काम करने देती है।
बिक्री के आंकड़े क्या बताते हैं?
सिंह देव के 19 महीने के अध्यक्ष कार्यकाल में 6,835 संपत्तियां 1,450.26 करोड़ रुपये की बिकीं। यह पिछले पांच साल से ज़्यादा है।
ग्राफिक: News Anek, इसी खबर के तथ्यों से
वन-टाइम सेटलमेंट योजना OTS-II से लंबे समय से बकाया राशि वसूली गई। इसके तहत 1,642 संपत्तियां बेची गईं, जिनकी कीमत 255.26 करोड़ रुपये थी।
इस योजना के पहले चरण में तीन साल में 506 संपत्तियां 88.28 करोड़ रुपये की बिकीं।
स्रोत में यह नहीं बताया गया है कि मंडल आगे क्या करेगा। फिर भी आंकड़े बिक्री और आय, दोनों में बड़ा बदलाव दिखाते हैं।
समझिए
पहले क्या हुआ
- 2024 से मध्य 2026 के बीच मंडल ने 7,650 घर बेचे या सौंपे, जो पिछले पांच साल की बिक्री के लगभग बराबर है।
- अनुराग सिंह देव के 19 महीने के अध्यक्ष कार्यकाल में 6,835 संपत्तियां 1,450.26 करोड़ रुपये की बिकीं।
- वन-टाइम सेटलमेंट योजना OTS-II के तहत 1,642 संपत्तियां बेचकर लंबे समय से बकाया वसूली गई।
यह क्यों अहम है
अब खरीदार बिक्री पंजीकरण के समय कब्ज़ा पा सकते हैं और कई काम ऑनलाइन कर सकते हैं, जिससे मंडल के दफ्तरों के चक्कर कम हुए हैं।
आगे क्या
- स्रोत में यह नहीं बताया गया है कि मंडल आगे क्या योजना बना रहा है या उसके क्या लक्ष्य हैं।