एम्स जम्मू में 20 अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर वाला नया ब्लॉक शुरू हो गया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इसका उद्घाटन शनिवार को किया।
सिंह के मुताबिक इस सुविधा से मरीज़ों को केंद्र शासित प्रदेश के बाहर उन्नत इलाज के लिए जाने की ज़रूरत कम होगी।
रिपोर्टरों से बात करते हुए उन्होंने इस ब्लॉक को संस्थान की एक और उपलब्धि बताया।
उन्होंने बुनियादी ढांचे, फैकल्टी और चिकित्सा सुविधाओं में हुई तेज़ प्रगति की भी सराहना की।
यह जानकारी ग्रेटर कश्मीर की रिपोर्ट में शनिवार को दी गई है।
एक नज़र में
- शनिवार को एम्स जम्मू में 20 ऑपरेशन थिएटर वाले ब्लॉक का उद्घाटन हुआ।
- इससे उन्नत सर्जरी के लिए राज्य से बाहर जाने की ज़रूरत कम होने की उम्मीद है।
- कुछ विशेषज्ञता वाले विभागों में फैकल्टी की कमी से रेज़िडेंट सीटें सीमित हैं।
- यह अस्पताल हिमाचल प्रदेश और पंजाब सहित पड़ोसी राज्यों को भी सेवा देगा।
इससे जम्मू के मरीज़ों को क्या फायदा होगा?
सिंह ने कहा कि उन्नत सर्जिकल सुविधाओं से विशेष इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाने की ज़रूरत घटेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यह संस्थान जम्मू क्षेत्र के लिए रेफरल अस्पताल के रूप में काम करेगा। इसके अलावा पड़ोसी राज्यों को भी सेवा देगा।
मंत्री ने यह भी बताया कि संस्थान में आयुष सेवाएं भी उपलब्ध हैं।
इसका व्यापक स्वास्थ्य तस्वीर से क्या संबंध है?
सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर शायद देश का एकमात्र केंद्र शासित प्रदेश है जहां दो एम्स हैं। एक विजयपुर (सांबा) में है और दूसरा अवंतीपोरा में।
उन्होंने जम्मू में दूसरे एम्स का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया।
उनके मुताबिक प्रधानमंत्री ने ज़ोर दिया कि श्रीनगर के लिए एक संस्थान मंज़ूर हो तो जम्मू में भी एक बने।
सिंह ने कहा कि पिछले 8 से 10 साल में संस्थान तेज़ी से बढ़ा है।
ग्राफिक: News Anek, इसी खबर के तथ्यों से
उन्होंने कहा कि इसमें विशेषज्ञता वाले विभाग उस रफ्तार से जुड़े हैं जैसी मेडिकल कॉलेजों में आम तौर पर नहीं दिखती।
संस्थान के सामने अभी कौन-सी चुनौती है?
सिंह ने माना कि कुछ विशेषज्ञता वाले विभागों में फैकल्टी की कमी से रेज़िडेंट सीटें सीमित हो रही हैं।
इससे कभी-कभी कोर्स के विस्तार पर भी असर पड़ा है।
उन्होंने बताया कि एमडी और डीएम कार्यक्रम पहले ही शुरू हो चुके हैं।
फैकल्टी से जुड़े मुद्दों पर एम्स जम्मू के निदेशक संजीव सिन्हा के साथ चर्चा हुई थी।
सिंह के मुताबिक ये मुद्दे दिल्ली में भी उठाए जा रहे हैं।
समझिए
पहले क्या हुआ
- जम्मू-कश्मीर में दो एम्स हैं, एक विजयपुर (सांबा) में और दूसरा कश्मीर में अवंतीपोरा में।
- केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जम्मू में दूसरे एम्स का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया।
- एम्स जम्मू में एमडी और डीएम कार्यक्रम पहले ही शुरू किए जा चुके हैं।
यह क्यों अहम है
विशेष इलाज के लिए मरीज़ों को दूसरे राज्यों में कम जाना पड़ सकता है, और यह अस्पताल पड़ोसी राज्यों के मरीज़ों को भी सेवा देगा।
आगे क्या
- फैकल्टी से जुड़े मुद्दों पर निदेशक संजीव सिन्हा के साथ चर्चा हुई है और इन्हें दिल्ली में भी उठाया जा रहा है।