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दुनिया

एंडी बर्नहम ने ब्रिटेन की विदेश नीति में तीन बड़े बदलावों का वादा किया

एंडी बर्नहम चाहते हैं कि ब्रिटेन दुनिया में ज़्यादा बड़ी भूमिका निभाए। उन्होंने व्यस्त कूटनीतिक पतझड़ की योजना बताई, जिसके केंद्र में मैनचेस्टर में होने वाली G20 बैठक है।

London - Westminster - Downing Street (geograph 5058812)
प्रतीकात्मक फोटो: London - Westminster - Downing Street (geograph 5058812). Photo: Lewis Clarke / Wikimedia Commons, CC BY-SA 2.0

एंडी बर्नहम जुलाई में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने। उससे पहले उनका 30 साल का राजनीतिक करियर ज़्यादातर घरेलू मुद्दों पर रहा है।

अब वह चाहते हैं कि ब्रिटेन दुनिया के मंच पर बड़ी भूमिका निभाए।

यह जानकारी हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में दी गई है, जो द इकोनॉमिस्ट को दिए उनके इंटरव्यू पर आधारित है।

यह इंटरव्यू एंटिगुआ यात्रा के दौरान हुआ, जहाँ राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्ष बैठक, यानी CHOGM, हो रही थी।

एक नज़र में

  • बर्नहम अपनी योजना को पाँच अंतरराष्ट्रीय बैठकों वाला "कूटनीति का पतझड़" कहते हैं।
  • वह राष्ट्रमंडल, मध्य पूर्व और यूरोपीय संघ के साथ नया रिश्ता चाहते हैं।
  • वह नवंबर 2027 में मैनचेस्टर में G20 बैठक की मेज़बानी की उम्मीद रखते हैं।
  • उनका कहना है कि व्लादिमीर पुतिन को नहीं बुलाया जाएगा, जबकि शी जिनपिंग को बुलाया जाएगा।

"मेकरफ़ील्ड टेस्ट" क्या है?

जब बर्नहम ग्रेटर मैनचेस्टर की मेकरफ़ील्ड सीट से सांसद चुने गए, तब उन्होंने हर फैसले पर "मेकरफ़ील्ड टेस्ट" लागू करने का वादा किया।

अब वह चाहते हैं कि यही टेस्ट विदेश नीति पर भी लागू हो।

उनके मुताबिक़ विदेश और घरेलू नीति अक्सर एक ही बात होती है। उन्होंने कहा, "नीति के लिए हमारी शुरुआत हमेशा यही होनी चाहिए।"

बर्नहम यह भी कहते हैं कि "मुश्किल दशक" के बाद ब्रिटेन फिर से "वापस" आ गया है। उनका दावा है कि CHOGM में नेताओं ने उनसे कहा, "आप कहाँ थे?

हमें आपकी ज़रूरत है।"

कृत्रिम बुद्धिमत्ता और बड़ी शक्तियों पर उनकी योजना क्या है?

बर्नहम कहते हैं कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर वैश्विक मानक "सबसे बड़ा मुद्दा" होगा। वह ब्रिटेन के AI सुरक्षा संस्थान के काम को आगे बढ़ाना चाहते हैं।

वह ब्रिटेन को अमेरिका और चीन के बीच एक ईमानदार मध्यस्थ के रूप में पेश करना चाहते हैं।

वह मानते हैं कि ऐसा ढांचा बनाना "चुनौतीपूर्ण लगता है", जिस पर दोनों देश सहमत हो सकें।

रूस के बारे में उन्होंने कहा कि मैनचेस्टर बैठक में व्लादिमीर पुतिन को नहीं बुलाया जाएगा।

प्रतिबंधों की वजह से वह दूर रहेंगे, और रूस की ओर से कम वरिष्ठ अधिकारी आएंगे। युद्ध जारी रहने तक ब्रिटेन यूक्रेन को समर्थन देता रहेगा।

तो यह पहले के वादों से कैसे जुड़ता है?

पहले के प्रधानमंत्री भी ऐसे ही वादे कर चुके हैं।

बोरिस जॉनसन ने "वैश्विक ब्रिटेन" की बात की, और कीर स्टार्मर ने कहा, "ब्रिटेन दुनिया के मंच पर वापस आ गया है।"

बर्नहम चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मेज़बानी मैनचेस्टर में करना चाहते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि शी जिनपिंग 2015 में मैनचेस्टर आ चुके हैं।

अगली बड़ी परीक्षा नवंबर 2027 की G20 बैठक होगी। बर्नहम के मुताबिक़ उनकी सारी शिखर वार्ताएँ इसी बैठक को सफल बनाने के लक्ष्य से हो रही हैं।

समझिए

पहले क्या हुआ

  • एंडी बर्नहम जुलाई में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने, जबकि उनका 30 साल का करियर ज़्यादातर घरेलू मुद्दों पर रहा है।
  • बोरिस जॉनसन ने 'वैश्विक ब्रिटेन' की बात की, और ऋषि सुनक लिज़ ट्रस के कार्यकाल से हुए नुकसान को सुधारना चाहते थे।

यह क्यों अहम है

बर्नहम कहते हैं कि विदेश और घरेलू नीति अक्सर एक ही बात होती है, इसलिए उनके विदेशी फैसलों का असर आम लोगों पर भी पड़ सकता है।

आगे क्या

  • बर्नहम जिस G20 बैठक की मेज़बानी चाहते हैं, वह नवंबर 2027 में मैनचेस्टर में प्रस्तावित है।
  • बर्नहम के मुताबिक़ कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर वैश्विक मानक उनका सबसे बड़ा मुद्दा होगा।

एग्ज़ाम कॉर्नर

UPSC जीएस पेपर 2 · अंतरराष्ट्रीय संबंध: ब्रिटेन की विदेश नीति

क्या है खबर

एंडी बर्नहम, जो जुलाई में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने, ने विदेश नीति में तीन बड़े बदलावों का वादा किया है। उन्होंने यह बात द इकोनॉमिस्ट को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के लिए एंटिगुआ यात्रा के दौरान कही।

पृष्ठभूमि

  • बर्नहम का 30 साल का राजनीतिक करियर ज़्यादातर घरेलू मुद्दों पर रहा है, प्रधानमंत्री बनने से पहले।
  • बर्नहम इसे डायग्नोसिस नहीं, बल्कि कूटनीति का पतझड़ कहते हैं, जिसमें पाँच अंतरराष्ट्रीय बैठकें एक के बाद एक होंगी।
  • उनके मुताबिक़ कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर वैश्विक मानक सबसे बड़ा मुद्दा होना चाहिए, खासकर मैनचेस्टर के G20 में।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्ष बैठक (CHOGM) एंटिगुआ में हुई।
  • G20 बैठक मैनचेस्टर में नवंबर 2027 के लिए प्रस्तावित है।
  • ब्रिटेन के AI सुरक्षा संस्थान का ज़िक्र लेख में भविष्य के AI काम के आधार के रूप में है।

मेन्स के लिए सामग्री

  1. महत्व: मुश्किल दशक के बाद ब्रिटेन वैश्विक मामलों में ज़्यादा सक्रिय भूमिका चाहता है, यह प्रधानमंत्री के अपने शब्दों में दिखता है।
  2. मुख्य मुद्दा: अमेरिका और चीन के बीच संतुलन बनाते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर साझा ढांचा बनाना।
  3. चुनौतियाँ: ऐसा AI ढांचा बनाना जिस पर अमेरिका और चीन दोनों सहमत हों, जो बर्नहम के अनुसार मुश्किल लगता है।
  4. आगे का रास्ता: मौजूदा संस्थाओं और बातचीत के आधार पर वैश्विक समझौते तक पहुँचना, इससे पहले कि जोखिम और बढ़ें।

अभ्यास प्रश्न: ब्रिटेन के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर वैश्विक ढांचा बनाने में क्या चुनौतियाँ और अवसर हैं, खासकर बड़ी शक्तियों के बीच उसकी भूमिका को देखते हुए? चर्चा कीजिए।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

Q1. किस सम्मेलन को बर्नहम ने अपनी कूटनीति के पतझड़ के लिए अभ्यास बताया?

  1. G20 शिखर सम्मेलन
  2. राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्ष बैठक (CHOGM)
  3. संयुक्त राष्ट्र महासभा
  4. EU नेताओं का शिखर सम्मेलन
उत्तर देखें

उत्तर: B. लेख में कहा गया है कि बर्नहम ने एंटिगुआ में CHOGM को अपनी कूटनीति के पतझड़ के लिए अभ्यास माना।

Q2. बर्नहम जिस G20 बैठक की मेज़बानी करना चाहते हैं, वह कहाँ प्रस्तावित है?

  1. एंटिगुआ
  2. ब्रसेल्स
  3. लंदन
  4. मैनचेस्टर
उत्तर देखें

उत्तर: D. लेख के मुताबिक G20 बैठक नवंबर 2027 में मैनचेस्टर में प्रस्तावित है।

मुख्य शब्द

  • राष्ट्रमंडल: ज़्यादातर पूर्व ब्रिटिश उपनिवेशों के देशों का संगठन, जो मिलकर सहयोग करते हैं।
  • प्रतिबंध: एक या अधिक देशों द्वारा किसी दूसरे देश पर लगाई गई रोक या पाबंदियाँ।
  • ईमानदार मध्यस्थ: ऐसा निष्पक्ष पक्ष जो दो असहमत पक्षों को समझौते तक पहुँचने में मदद करता है।

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ये बातें इस खबर की रिपोर्ट से ली गई हैं। परीक्षा से पहले NCERT किताबों और PIB जैसे मानक स्रोतों से ज़रूर मिलाएं।


स्रोत

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