ज़ोमैटो के संस्थापक दीपिंदर गोयल का नया वियरेबल डिवाइस टेम्पल है। भारत में इसकी कीमत Rs 85,000 है, और प्री-ऑर्डर खुल चुके हैं।
इस डिवाइस को लेकर मेडिकल विशेषज्ञों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है।
IBTimes India की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टर इसके वैज्ञानिक दावों पर सवाल उठा रहे हैं।
एक नज़र में
- टेम्पल Rs 85,000 का माथे पर पहना जाने वाला वियरेबल है, जिसे दीपिंदर गोयल ने बनाया है।
- डॉक्टर पूछ रहे हैं कि क्या इसके सेंसर दिमाग़ के अंदर का रक्त प्रवाह माप सकते हैं।
- गोयल ने इस डिवाइस पर $30 million खर्च किए हैं, जिनमें $20 million उनका निजी पैसा है।
- कई स्टार्टअप संस्थापक टेम्पल का समर्थन कर रहे हैं, जबकि डॉक्टर ठोस वैज्ञानिक सबूत चाहते हैं।
टेम्पल असल में क्या दावा करता है?
यह डिवाइस माथे के एक तरफ़ पहना जाता है। यह रोशनी पर आधारित सेंसर से रक्त प्रवाह और दूसरे संकेत मापता है।
इसका BrainFlow फ़ीचर दिमाग़ में रक्त प्रवाह और ऑक्सीजन की जानकारी देने का दावा करता है।
Entropy नाम के एक मापदंड को शरीर पर तनाव और उम्र बढ़ने का संभावित संकेत बताया गया है।
कंपनी टेम्पल को फिटनेस और वेलनेस ट्रैकर के रूप में पेश करती है, मेडिकल जांच उपकरण के रूप में नहीं।
फिर भी, दिमाग़ के रक्त संचार और लंबी उम्र को लेकर इसके दावों पर सवाल उठे हैं।
डॉक्टर सवाल क्यों उठा रहे हैं?
कई डॉक्टर पूछ रहे हैं कि क्या कनपटी पर लगा सेंसर दिमाग़ के अंदर का रक्त प्रवाह माप सकता है।
यह जगह उस धमनी के पास है, जो मुख्य रूप से खोपड़ी और चेहरे को खून पहुंचाती है।
डॉक्टरों का कहना है कि खोपड़ी के पास रक्त प्रवाह में बदलाव हमेशा दिमाग़ के बदलाव को नहीं दिखाता।
उनका यह भी सवाल है कि Entropy को स्वतंत्र रूप से पर्याप्त जांचा गया है या नहीं।
न्यूरोलॉजिस्ट डॉ सुधीर कुमार ने कहा कि विचार दिलचस्प है, लेकिन इसे ठोस सबूत चाहिए।
डॉक्टर पारदर्शी शोध, बड़े अध्ययन और स्वतंत्र क्लिनिकल जांच की मांग कर रहे हैं।
गोयल ने 5 नवंबर को X पर जवाब दिया। उन्होंने सभी भारतीय डॉक्टरों को एक ही खांचे में रखने के लिए माफ़ी मांगी।
ग्राफिक: News Anek, इसी खबर के तथ्यों से
उन्होंने कहा कि उनकी नाराज़गी कुछ उन डॉक्टरों पर थी, जिन्हें उन्होंने इन्फ़्लुएंसर बताया।
स्टार्टअप संस्थापक क्या कह रहे हैं?
कई स्टार्टअप संस्थापक गोयल के समर्थन में आए हैं।
India Today की रिपोर्ट के मुताबिक, वे इस डिवाइस को विज्ञान आधारित नए भारतीय प्रयोग के रूप में देखते हैं।
Unacademy के सह-संस्थापक गौरव मुंजाल ने कहा कि उन्होंने कुछ हफ़्तों तक टेम्पल को कभी-कभी पहना।
उनके मुताबिक, यह भारत में बना वैश्विक प्रोडक्ट बन सकता है।
CARS24 के सह-संस्थापक गजेंद्र जांगिड़ ने कहा कि इसके लिए विदेशों में खरीदार मिल सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि Entropy बायोमार्कर को अब भी स्वतंत्र जांच की ज़रूरत है।
प्रकाश दलानी ने कहा कि भारत को बड़े जोखिम उठाने वालों को प्रोत्साहित करना चाहिए।
उन्होंने जोड़ा कि Rs 85,000 का यह प्रोडक्ट खरीदने लायक है या नहीं, यह उपभोक्ता तय कर सकते हैं।
तो खरीदारों के लिए इसका क्या मतलब है?
यह बहस अभी खुली है। डॉक्टर सबूत मांग रहे हैं, जबकि समर्थक नए विचारों के लिए जगह चाहते हैं।
फ़िलहाल खरीदारों को कीमत, सबूत और कंपनी के दावों को तौलकर फ़ैसला करना होगा।
कहानी बिज़नेस की
अब तक की कहानी
- शुरुआत: प्रकाश दलानी की पोस्ट के मुताबिक, गोयल ने टेम्पल बनाने के लिए ज़ोमैटो चलाना छोड़ दिया बताया जाता है।
- विवाद: डॉक्टर टेम्पल के सेंसर के विज्ञान पर सवाल उठा रहे हैं, और गोयल ने डॉक्टरों पर अपनी टिप्पणी के लिए माफ़ी मांगी है।
- अभी: टेम्पल भारत में Rs 85,000 में प्री-ऑर्डर के लिए खुला है, और कुछ स्टार्टअप संस्थापक इसका समर्थन कर रहे हैं।
पैसा कैसे बनता है
टेम्पल को भारत में Rs 85,000 कीमत वाले वियरेबल के रूप में बेचा जा रहा है, और प्री-ऑर्डर खुले हैं। लेख में कमाई के किसी और स्रोत का ज़िक्र नहीं है।
एक सीख
सेहत से जुड़े बड़े दावों के लिए स्वतंत्र सबूत ज़रूरी है, और विज्ञान पर उठे सवाल प्रोडक्ट जितने ही अहम हो सकते हैं।
आंकड़े
| विकास पर खर्च | $30 million (स्रोत: IBTimes India) |
|---|---|
| गोयल का निजी पैसा | $20 million (स्रोत: IBTimes India) |
| भारत में कीमत | Rs 85,000 (स्रोत: IBTimes India) |
यह खबरों पर आधारित सामान्य जानकारी है, वित्तीय या निवेश सलाह नहीं।