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मेघालय में 2025 सबसे गर्म साल रहा, मानसून बारिश 43 प्रतिशत कम

मौसम विभाग के 2025 के जलवायु विवरण में तापमान, बारिश और चरम मौसम की घटनाएं दर्ज हैं। राज्य के ज़िलों में बारिश का हाल बहुत अलग रहा।

Near Shillong Meghalaya India
प्रतीकात्मक फोटो: Near Shillong Meghalaya India. Photo: sangeeta1975 / Wikimedia Commons, CC BY 2.0

मेघालय में 2025 में 1901 के बाद का सबसे गर्म साल दर्ज हुआ। राज्य का औसत तापमान 20.77 डिग्री सेल्सियस रहा।

उसी समय, मानसून के दौरान राज्य में सामान्य से कम बारिश हुई। यह कमी 43 प्रतिशत रही।

यह जानकारी भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की रिपोर्ट में दी गई है। नेशनल हेराल्ड और नॉर्थईस्ट नाउ ने भी इसकी खबर दी।

एक नज़र में

  • औसत तापमान 20.77 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 1901 के बाद सबसे ज़्यादा है।
  • मानसून की बारिश सामान्य से 43 प्रतिशत कम रही, और जुलाई में कमी सबसे ज़्यादा थी।
  • जिन 11 ज़िलों का अध्ययन हुआ, उनमें बारिश का हाल अलग-अलग रहा।
  • चेरापूंजी, मावसिनराम और शिलांग में भारी बारिश भी दर्ज हुई।

तो 2025 सामान्य से कितना गर्म रहा?

साल का औसत तापमान 1991 से 2020 के औसत से 0.96 डिग्री ज़्यादा रहा। ज़्यादातर समय दिन और रात, दोनों का तापमान सामान्य से ऊपर रहा।

साल का न्यूनतम तापमान 1901 के बाद का सबसे ऊँचा दर्ज हुआ। अधिकतम तापमान तीसरे नंबर पर रहा।

लंबे समय का रुझान भी साफ है। 1901 से अब तक राज्य का औसत तापमान हर सदी में लगभग 0.73 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है।

गर्मी मानसून में सबसे ज़्यादा दिखी। उस मौसम में अधिकतम तापमान सामान्य से 1.2 डिग्री ऊपर रहा, जो 1901 के बाद का सबसे गर्म मानसून है।

मेघालय 2025: सबसे गर्म साल, मानसून में 43% कम बारिश
20.77 °Cराज्य का औसत तापमान (2025)
+0.96 °C1991-2020 औसत से ज़्यादा
43%मानसून बारिश में कमी
+1.2 °Cमानसून अधिकतम तापमान वृद्धि

ग्राफिक: News Anek, इसी खबर के तथ्यों से

इस साल बारिश में इतनी कमी कैसे रही?

2025 में मेघालय में सामान्य सालाना बारिश का 73 प्रतिशत हुआ। मानसून की बारिश सामान्य की सिर्फ 57 प्रतिशत रही।

आम तौर पर मानसून राज्य की सालाना बारिश का 71.8 प्रतिशत देता है। इसलिए मानसून में कमी का असर पूरे साल पर पड़ता है।

मानसून से पहले हुई ज़्यादा बारिश ने कुल कमी को कुछ कम किया। यह साल की कुल बारिश का लगभग 19.1 प्रतिशत है।

फिर भी जून से अक्टूबर तक बारिश ज़्यादातर सामान्य से कम रही, और जुलाई सबसे कमज़ोर महीना था।

ज़िलों में बारिश का हाल कैसा रहा?

जिन 11 ज़िलों का विश्लेषण हुआ, उनमें से छह में बारिश कम रही। तीन में सामान्य बारिश हुई। एक में बहुत ज़्यादा और एक में बहुत कम बारिश दर्ज हुई।

साउथ वेस्ट खासी हिल्स में बहुत ज़्यादा बारिश हुई। वेस्ट जैंतिया हिल्स में बड़ी कमी रही। सिर्फ ईस्ट गारो हिल्स में हल्की नम स्थिति रही।

1951 से 2024 के बीच पश्चिमी मेघालय के तीन पास के ज़िलों में बारिश बढ़ने का रुझान दिखा। बाकी ज़िलों में गिरावट दिखी।

पांच ज़िलों का डेटा उपलब्ध नहीं था।

कुल कमी के बावजूद, कुछ जगहों पर तेज़ बारिश भी हुई।

चेरापूंजी, मावसिनराम और शिलांग के निगरानी केंद्रों पर भारी, बहुत भारी और अत्यधिक भारी बारिश दर्ज हुई।

समझिए

पहले क्या हुआ

  • भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पास मेघालय के जलवायु रिकॉर्ड 1901 से मौजूद हैं।
  • 1901 से 2025 के बीच राज्य का औसत सालाना तापमान हर सदी में 0.73 डिग्री सेल्सियस की दर से बढ़ा।

यह क्यों अहम है

रिपोर्ट से पता चलता है कि राज्य गर्म हो रहा है और बारिश असमान रही है। यह मेघालय के लोगों के लिए मायने रखता है।

आगे क्या

  • सूत्रों में यह नहीं बताया गया कि इस रिपोर्ट के बाद क्या कदम उठाए जाएंगे।

स्रोत

देशमेघालयसमझिए

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