यहां पूरी योजना एक जगह है: क्या मिलता है, कौन पात्र है, आवेदन कैसे करें, और क्या जांचें।
| योजना | नमो ड्रोन दीदी योजना |
|---|---|
| मंत्रालय | कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार |
| फायदा | ड्रोन की 80 प्रतिशत लागत सरकार देती है, अधिकतम 8 लाख रुपये तक, साथ में प्रशिक्षण |
| कौन आवेदन कर सकता है | खेती से जुड़े काम करने वाले महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) |
| सहायता कैसे मिलती है | ड्रोन खरीद में वित्तीय सहायता, बाकी 20 प्रतिशत समूह लोन से जुटाता है |
| कहां आवेदन करें | अपने SHG के ज़रिए, नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), या ब्लॉक या जिला कृषि कार्यालय |
| आवेदन शुल्क | मुफ्त |
एक नज़र में
- ड्रोन की लागत का 80 प्रतिशत सरकार देती है, अधिकतम 8 लाख रुपये तक।
- बाकी 20 प्रतिशत SHG जुटाता है, आमतौर पर लोन से।
- चुनी गई महिलाओं को उड़ाने से पहले ड्रोन प्रशिक्षण मिलता है।
- योजना 2024 से 2026 तक चलती है और कृषि विज्ञान केंद्रों के ज़रिए लागू होती है।
तो महिला समूह को असल में क्या मिलता है?
चुने गए महिला स्वयं सहायता समूह को खेती के लिए एक ड्रोन मिलता है।
सरकार ड्रोन और उससे जुड़े खर्च की 80 प्रतिशत लागत देती है, अधिकतम 8 लाख रुपये तक।
बाकी 20 प्रतिशत समूह को खुद जुटाना होता है। ज़्यादातर समूह यह बैंक लोन से करते हैं।
सदस्यों को ड्रोन उड़ाने और उर्वरक या कीटनाशक का छिड़काव सुरक्षित तरीके से करने का प्रशिक्षण भी मिलता है। ड्रोन किसानों को छिड़काव के काम के लिए किराये पर देने के लिए हैं।
राशि और नियम बदल सकते हैं। ताज़ा आंकड़े आधिकारिक वेबसाइट पर ज़रूर देखें।
कौन आवेदन कर सकता है, और कौन नहीं?
यह योजना उन महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए है जो खेती से जुड़ा काम करते हैं।
समूह का चयन सरकार करती है, इसलिए आवेदन करने से ड्रोन मिलना तय नहीं होता।
जो महिलाएं ड्रोन चाहती हैं, वे आमतौर पर किसी मौजूदा SHG के ज़रिए आती हैं, अकेले नहीं।
समूह को बाकी 20 प्रतिशत लागत उठाने के लिए तैयार होना चाहिए, अक्सर लोन लेकर।
यह योजना क्यों शुरू हुई, और इसमें क्या बदला?
यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 नवंबर 2023 को शुरू की थी।
इसे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय चलाता है, और देश भर में कृषि विज्ञान केंद्रों के ज़रिए लागू किया जाता है।
इसके लिए सरकार ने 1,261 करोड़ रुपये का बजट रखा है, और लक्ष्य लगभग 15,000 महिला SHG तक पहुंचने का है।
लागू करने के दिशानिर्देश 2024 से 2026 की अवधि के लिए जारी किए गए हैं।
कौन से कागज़ तैयार रखें?
SHG के रजिस्ट्रेशन के कागज़ और सदस्यों की सूची तैयार रखें।
समूह के बैंक खाते की जानकारी, और सदस्यों के आधार कार्ड रखें।
जिस इलाके में ड्रोन काम करेगा, वहां की ज़मीन या खेती की जानकारी रखें।
आपका नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि कार्यालय आवेदन से पहले सही सूची की पुष्टि करेगा।
आवेदन कैसे करें, एक-एक कदम?
पहले अपने SHG की नेता से योजना के बारे में बात करें।
मौजूदा चयन प्रक्रिया पूछने के लिए नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र या ब्लॉक कृषि कार्यालय से संपर्क करें।
मांगे गए दस्तावेज़ों के साथ समूह का आवेदन जमा करें।
चयन होने पर ड्रोन मिलने से पहले प्रशिक्षण और लोन की प्रक्रिया पूरी करें।
स्टेटस कैसे देखें, और कुछ अटक जाए तो क्या करें?
आवेदन का स्टेटस अपनी SHG नेता या कृषि विज्ञान केंद्र से पूछें।
अगर ड्रोन या प्रशिक्षण में देरी हो, तो लिखित में पूछें और पूछने की तारीख नोट करें।
नवीनतम सूचनाओं और दिशानिर्देशों के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।
किन बातों से सावधान रहें?
ड्रोन दिलाने का वादा करने वाले एजेंट को कभी पैसे न दें। आवेदन सिर्फ सरकारी दफ्तरों के ज़रिए करें।
ड्रोन का काम सावधानी मांगता है। प्रशिक्षण छोटा है, इसलिए सीखते रहें और सुरक्षा नियम मानें।
उड़ान की सीमा है। भारत में ड्रोन ज़मीन से अधिकतम 400 फीट ऊंचाई तक उड़ सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या कोई अकेली महिला ड्रोन के लिए आवेदन कर सकती है?
यह योजना महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए है, इसलिए आमतौर पर व्यक्तिगत आवेदन SHG के ज़रिए होता है।
क्या सरकार पूरा ड्रोन मुफ्त देती है?
नहीं। सरकार लागत का 80 प्रतिशत देती है, अधिकतम 8 लाख रुपये तक, और बाकी हिस्सा समूह जुटाता है।
क्या प्रशिक्षण मिलता है?
हां। चुने गए सदस्यों को ड्रोन संचालन और कृषि छिड़काव का प्रशिक्षण मिलता है।
क्या आवेदन मुफ्त है?
आवेदन मुफ्त है। ड्रोन दिलाने के नाम पर किसी एजेंट को कभी पैसे न दें।
आधिकारिक लिंक
यह गाइड योजना के आधिकारिक नियमों पर आधारित है। नियम और रकम बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर ज़रूर जांचें। News Anek सरकारी वेबसाइट नहीं है।