7 नवंबर 2026 देश की खबरें 1 मिनट में। साफ़, जांची-परखी, स्रोत के साथ। 👤 साइन इन मेरी फीड टूल्स English Instagram Facebook X
सरकारी योजना

नमो शेतकरी महासन्मान निधि महाराष्ट्र: किसानों को सालाना 6,000 रुपये, और पात्रता कैसे जांचें

नमो शेतकरी महासन्मान निधि महाराष्ट्र के किसानों को पीएम-किसान के अलावा सालाना 6,000 रुपये किस्तों में देती है। जानिए कौन पात्र है, पैसा कैसे आता है और स्टेटस कैसे जांचें।

Farmer sowing rice in Western Ghat Maharashtra
प्रतीकात्मक फोटो: Farmer sowing rice in Western Ghat Maharashtra. Photo: Phadke09 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

यहां पूरी योजना एक जगह है: क्या मिलता है, कौन पात्र है, आवेदन कैसे करें, और क्या जांचें।

योजना एक नज़र में
योजनानमो शेतकरी महासन्मान निधि योजना (NSMNY)
विभागकृषि विभाग, महाराष्ट्र सरकार
फायदाराज्य से सालाना 6,000 रुपये, पीएम-किसान के साथ 2,000 रुपये की किस्तों में
कौन आवेदन कर सकता हैपीएम-किसान में रजिस्टर्ड महाराष्ट्र के किसान परिवार, जिनके पास खेती की ज़मीन है
पैसा कैसे मिलता हैबैंक खाते में सीधे (DBT)
कहां आवेदन करेंnsmny.mahait.org, या पहले पीएम-किसान पोर्टल पर
आवेदन शुल्कमुफ्त

एक नज़र में

  • यह योजना सिर्फ महाराष्ट्र के निवासियों के लिए है।
  • पहले पीएम-किसान में रजिस्टर्ड होना ज़रूरी है।
  • हर किस्त में 2,000 रुपये, पीएम-किसान के पैसे के साथ आते हैं।
  • हाल की किस्तें राज्य सरकार ने जारी की हैं।

तो महाराष्ट्र के किसान को असल में क्या मिलता है?

पात्र किसानों को महाराष्ट्र सरकार से सालाना 6,000 रुपये मिलते हैं।

पीएम-किसान के 6,000 रुपये के साथ, किसान को सालाना कुल 12,000 रुपये मिल सकते हैं।

राज्य का पैसा किस्तों में आता है, और हर किस्त लगभग 2,000 रुपये की होती है।

रकम और किस्त की तारीख बदल सकती है, इसलिए ताज़ा जानकारी सरकारी साइट पर देखें।

कौन आवेदन कर सकता है, और कौन नहीं?

यह योजना सिर्फ महाराष्ट्र के निवासियों के लिए है।

परिवार का पीएम-किसान में रजिस्टर्ड होना ज़रूरी है। यह योजना पीएम-किसान की लिस्ट पर चलती है।

परिवार के पास खेती की ज़मीन होनी चाहिए। ज़मीन की तारीख 01.02.2019 या उससे पहले की होनी चाहिए।

यहां परिवार का मतलब है पति, पत्नी और उनके नाबालिग बच्चे।

पीएम-किसान के नियमों से बाहर लोग, जैसे इनकम टैक्स देने वाले और ज़्यादातर सरकारी कर्मचारी, इसके पात्र नहीं हैं।

इस योजना की पृष्ठभूमि क्या है?

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के किसान परिवारों की मदद के लिए यह योजना शुरू की।

इसे कृषि विभाग चलाता है। यह केंद्र की पीएम-किसान योजना के साथ काम करती है।

अब तक कई किस्तें जारी हो चुकी हैं। ताज़ा किस्त अप्रैल से जुलाई 2025 की है, जो भारी बारिश से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए है।

कौन से कागज़ तैयार रखें?

आधार कार्ड और आधार से जुड़ा बैंक खाता तैयार रखें।

ज़मीन के कागज़, जैसे 7/12 उतारा या अधिकार अभिलेख, और मोबाइल नंबर रखें।

पीएम-किसान का रजिस्ट्रेशन नंबर भी काम आता है।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें, एक-एक कदम?

पहले pmkisan.gov.in पर पीएम-किसान में रजिस्टर करें, अगर पहले से नहीं हैं।

फिर नमो शेतकरी पोर्टल nsmny.mahait.org पर जाएं।

लाभार्थी लिस्ट जांचें और अपनी जानकारी के लिए स्क्रीन के निर्देश मानें।

भविष्य के लिए आवेदन की पावती की कॉपी रखें।

क्या ऑफलाइन आवेदन हो सकता है?

हां, मदद के लिए कॉमन सर्विस सेंटर या गांव, तालुका के कृषि कार्यालय जा सकते हैं।

जाते समय आधार कार्ड, बैंक पासबुक और ज़मीन के कागज़ ले जाएं।

पेमेंट कैसे देखें, और अटक जाए तो क्या करें?

सरकारी नमो शेतकरी पोर्टल पर अपना स्टेटस देखें।

ई-केवाईसी न होने, बैंक खाते का आधार से न जुड़ने, या ज़मीन रिकॉर्ड का सत्यापन न होने से पैसा अटकता है।

स्थानीय कृषि कार्यालय या कॉमन सर्विस सेंटर से समस्या ठीक करवाएं, और जमा किए कागज़ों का रिकॉर्ड रखें।

परेशानी से बचने के लिए कुछ आखिरी सुझाव?

किसी एजेंट को पैसे न दें, जो तेज़ मंज़ूरी का वादा करे। रजिस्ट्रेशन मुफ्त है।

सिर्फ सरकारी वेबसाइट इस्तेमाल करें, और OTP किसी के साथ साझा न करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या यह योजना सिर्फ महाराष्ट्र के किसानों के लिए है?

हां। यह राज्य की योजना है और इसका लाभ सिर्फ महाराष्ट्र के निवासियों को मिलता है।

अगर मैं पहले से पीएम-किसान में हूं, तो क्या मुझे यह पैसा मिलेगा?

हां, पीएम-किसान के लाभार्थी ही इस योजना का आधार हैं। पीएम-किसान की लिस्ट में होना पहला कदम है।

कुल कितना पैसा मिलेगा?

राज्य सालाना लगभग 6,000 रुपये देता है और पीएम-किसान भी 6,000 रुपये देता है, इसलिए कुल 12,000 रुपये तक हो सकते हैं।

क्या आवेदन का कोई शुल्क है?

नहीं। सरकारी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन मुफ्त है। पैसे मांगने वाले से बचें।

सरकारी योजना

हम कैसे रिपोर्ट करते हैं। News Anek की हर खबर कम से कम दो भरोसेमंद स्रोतों से जांची जाती है, और हम उन स्रोतों के नाम देते हैं। कोई गलती दिखी? contact@newsanek.com पर लिखें, और हमारी सुधार नीति व संपादकीय नीति पढ़ें।