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सरकारी योजना

निजुत मोइना असम: छात्राओं को सालाना 10,000 से 25,000 रुपये, कॉलेज में बने रहने पर

निजुत मोइना असम में छात्राओं को हर महीने प्रोत्साहन राशि देती है, साल में अधिकतम दस महीने तक। राशि कोर्स के हिसाब से है, कक्षा 11 से स्नातकोत्तर तक। जानिए कौन पात्र है और आवेदन कैसे करें।

Training Teacher & Students
प्रतीकात्मक फोटो: Training Teacher & Students. Photo: Dr. Balkrishna Hari Mali / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

यहां पूरी योजना एक जगह है: क्या मिलता है, कौन पात्र है, आवेदन कैसे करें, और क्या जांचें।

योजना एक नज़र में
योजनानिजुत मोइना
विभागशिक्षा विभाग, असम सरकार
फायदाकक्षा 11 के लिए 10,000 रुपये सालाना, स्नातक प्रथम वर्ष के लिए 12,500 रुपये, स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के लिए 25,000 रुपये
कौन आवेदन कर सकता हैअविवाहित छात्राएं जो असम की स्थायी निवासी हैं और पात्र संस्थान में पढ़ती हैं
पैसा कैसे मिलता हैसाल में अधिकतम 10 महीने, हर महीने बैंक खाते में सीधे
कहां आवेदन करेंnijutmoina.assam.gov.in पर, अपने कॉलेज या संस्थान के ज़रिए
आवेदन शुल्कमुफ्त

एक नज़र में

  • कक्षा 11 की छात्रा को हर महीने 1,000 रुपये, सालाना 10,000 रुपये तक।
  • स्नातक प्रथम वर्ष की छात्रा को हर महीने 1,250 रुपये, सालाना 12,500 रुपये तक।
  • स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष की छात्रा को हर महीने 2,500 रुपये, सालाना 25,000 रुपये तक।
  • पैसा जारी रखने के लिए कॉलेज में नियमित उपस्थित होना ज़रूरी है।

तो छात्रा को असल में कितना पैसा मिलता है?

राशि इस पर निर्भर करती है कि छात्रा किस कोर्स में पढ़ रही है।

कक्षा 11 की छात्रा को हर महीने 1,000 रुपये मिलते हैं, अधिकतम 10 महीने। यानी साल में 10,000 रुपये।

स्नातक प्रथम वर्ष की छात्रा को हर महीने 1,250 रुपये मिलते हैं, अधिकतम 10 महीने। यानी साल में 12,500 रुपये।

स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष की छात्रा को हर महीने 2,500 रुपये मिलते हैं, अधिकतम 10 महीने। यानी साल में 25,000 रुपये।

राशि बदल सकती है, इसलिए ताज़ा आंकड़े आधिकारिक साइट पर ज़रूर जांच लें।

कौन आवेदन कर सकता है, और कौन नहीं?

छात्रा असम की स्थायी निवासी होनी चाहिए। यह योजना सिर्फ असम के निवासियों के लिए है।

वह सरकारी कॉलेज या किसी ऐसे शैक्षणिक संस्थान में पढ़ती हो जो इस योजना को मानता हो।

वह अविवाहित होनी चाहिए। विवाहित छात्राएं पात्र नहीं हैं।

सांसदों और विधायकों की बेटियां आवेदन नहीं कर सकतीं।

बी.एड. कर रही छात्राएं इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।

यह योजना क्यों शुरू हुई, और इसमें क्या बदला है?

निजुत मोइना 2024 में शुरू हुई थी। इसका मकसद बाल विवाह कम करना और असम में लड़कियों की पढ़ाई को सहारा देना है।

इसे असम सरकार का शिक्षा विभाग चलाता है।

सरकार का कहना है कि इस योजना से छात्राओं के बीच पढ़ाई छोड़ने की दर घटी है।

हाल में सरकार अगले साल से इसे और विश्वविद्यालयों और नर्सिंग कोर्स तक बढ़ाने पर विचार कर रही है।

कौन से कागज़ तैयार रखें?

असम का स्थायी निवास प्रमाण पत्र तैयार रखें।

आधार कार्ड और अपने नाम का बैंक खाता रखें।

कॉलेज या संस्थान में दाखिले का विवरण और छात्र आईडी पास रखें।

विवाहित न होने की घोषणा भी तैयार रखें, क्योंकि विवाहित छात्राएं पात्र नहीं हैं।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें, एक-एक कदम?

योजना का निर्धारित आवेदन फॉर्म भरें।

फॉर्म उस संस्थान में जमा करें जहां अभी आपका दाखिला है।

संस्थान के रजिस्ट्रार या प्रिंसिपल फॉर्म इकट्ठा करते हैं और पोर्टल के ज़रिए उनकी जांच करते हैं।

सत्यापित डेटा पोर्टल पर ऑटो वेरिफिकेशन के लिए भेजा जाता है।

क्या हर साल फिर से आवेदन करना होगा?

पहले साल आवेदन करना होता है। दूसरे साल से नया आवेदन नहीं लगता।

इसके बजाय संस्थान के प्रमुख एक प्रमाण पत्र देते हैं जो बताता है कि आप अब भी पढ़ रही हैं।

वही प्रमाण पत्र लाभ जारी रखने के लिए काफी है।

भुगतान कैसे जांचें, और पैसा अटक जाए तो क्या करें?

आवेदन और भुगतान की स्थिति आधिकारिक पोर्टल पर जांचें।

त्योहारों के आसपास या प्रक्रिया के दौरान भुगतान में देरी हो सकती है। सरकार ने कहा है कि किस्तें चरणों में जारी होती हैं।

पैसा न आए तो पहले अपने कॉलेज के कार्यालय से बात करें, क्योंकि सत्यापन वही संभालते हैं।

हेल्पलाइन और ज़रूरी सुझाव

मदद के लिए अपने कॉलेज कार्यालय से संपर्क करें या आधिकारिक वेबसाइट देखें।

किसी एजेंट या व्यक्ति को कभी पैसे न दें जो पैसा दिलाने का वादा करे। इस योजना के लिए आवेदन मुफ्त है।

कॉलेज में नियमित रहें। लगातार दाखिला बने रहना लाभ की शर्त है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

निजुत मोइना में छात्रा को कितना पैसा मिलता है?

कोर्स के हिसाब से। कक्षा 11 को सालाना 10,000 रुपये, स्नातक प्रथम वर्ष को 12,500 रुपये और स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष को 25,000 रुपये मिलते हैं।

क्या पैसा साल में एक बार मिलता है?

नहीं, यह हर महीने मिलता है, साल में अधिकतम 10 महीने तक।

क्या हर साल आवेदन करना होता है?

नहीं, पहले साल आवेदन करें। दूसरे साल से संस्थान का प्रमाण पत्र काफी है।

क्या विवाहित छात्रा आवेदन कर सकती है?

नहीं, विवाहित छात्राएं इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।

क्या यह योजना असम के बाहर भी मिलती है?

नहीं, यह सिर्फ असम के स्थायी निवासियों के लिए है।

क्या आवेदन के लिए कोई शुल्क है?

नहीं, आवेदन मुफ्त है। पैसे मांगने वाले किसी एजेंट को कभी पैसे न दें।

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