असम के दिबरूगढ़ ज़िले में ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) के एक केंद्र में हुए धमाके में अब तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
शनिवार को दो और लोगों ने घायल होने के बाद दम तोड़ा।
यह जानकारी द हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में दी गई है। रिपोर्ट अधिकारियों और इस सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के बयान पर आधारित है।
एक नज़र में
- धमाका तेंगाखात स्थित OIL के इंटरमीडिएट टैंक फार्म में हुआ।
- अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, और तीन घायल अब भी गंभीर हैं।
- कंपनी ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
- केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
धमाके के बाद साइट पर क्या हुआ?
शुक्रवार को OIL के इंटरमीडिएट टैंक फार्म में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान धमाके के बाद आग लग गई।
इंटरमीडिएट टैंक फार्म वह जगह है जहां पेट्रोलियम उत्पादों को टैंकों में कुछ समय के लिए रखा जाता है।
इसके बाद उन्हें आगे की प्रक्रिया या परिवहन के लिए भेजा जाता है।
घटना के समय साइट पर कुल नौ कर्मचारी मौजूद थे। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक इनमें से सात घायल हुए।
घायलों की संख्या को लेकर रिपोर्टों में अंतर है। उसी हिंदुस्तान टाइम्स रिपोर्ट में छह कर्मचारियों के जलने की बात भी कही गई है।
मृतकों और घायलों के लिए क्या घोषणा हुई है?
इंजीनियर तपस ज्योति गोगोई की शनिवार तड़के मौत हो गई। उनके बड़े भाई के मुताबिक उनका लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा जल गया था।
Spectron Engineering Private Limited के एक कर्मचारी की गुवाहाटी के एक अस्पताल में मौत हो गई। उनकी पहचान रूपम गोहेन के रूप में हुई है।
यह कंपनी OIL की ओर से काम पर लगी थी।
OIL ने हर मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये और हर घायल को 5 लाख रुपये देने की घोषणा की है।
ग्राफिक: News Anek, इसी खबर के तथ्यों से
तो अब आगे क्या होगा?
दिबरूगढ़ से लोकसभा सांसद सर्बानंद सोनोवाल ने OIL के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक रंजीत राथ से बात की।
उन्होंने घायलों के लिए सबसे अच्छे इलाज का आग्रह किया।
सोनोवाल ने उच्च स्तरीय जांच की भी मांग की है। मकसद आग के सटीक कारण का पता लगाना है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा भी स्थिति पर नज़र रख रहे हैं, यह कंपनी के बयान में कहा गया है।
समझिए
पहले क्या हुआ
- शुक्रवार को ऑयल इंडिया लिमिटेड के तेंगाखात स्थित इंटरमीडिएट टैंक फार्म में मरम्मत के काम के दौरान धमाके के बाद आग लगी।
- घटना के समय साइट पर नौ कर्मचारी मौजूद थे, और एक सरकारी बयान के मुताबिक इनमें से सात घायल हुए।
यह क्यों अहम है
इस केंद्र में पेट्रोलियम उत्पाद प्रसंस्करण या परिवहन से पहले रखे जाते हैं, इसलिए ऐसी जगहों की सुरक्षा वहां काम करने वालों के लिए अहम है।
आगे क्या
- तीन घायल कर्मचारी अब भी गंभीर हालत में हैं, और सटीक कारण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।