यहां पूरी योजना एक जगह है: क्या मिलता है, कौन पात्र है, आवेदन कैसे करें, और क्या जांचें।
| योजना | वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) |
|---|---|
| मंत्रालय | खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग, भारत सरकार |
| फायदा | देश की किसी भी उचित मूल्य की दुकान से सब्सिडी वाला अनाज |
| कौन उपयोग कर सकता है | राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन कार्ड धारक, खासकर प्रवासी मज़दूर और उनका परिवार |
| कैसे मिलता है | दुकान पर आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन से |
| कहां जानकारी लें | आपके राज्य या दिल्ली का खाद्य विभाग, या NFSA पोर्टल (nfsa.gov.in) |
| आवेदन शुल्क | मुफ्त |
एक नज़र में
- राशन कार्ड धारक भारत की किसी भी उचित मूल्य की दुकान से अनाज ले सकते हैं।
- दुकान पर आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन से आपकी पहचान होती है।
- प्रवासी मज़दूर जहां काम करते हैं वहीं से अपना हिस्सा ले सकते हैं, और परिवार घर पर।
- हाल का बदलाव: अब गेहूं और चावल अलग-अलग दुकानों से लिए जा सकते हैं।
इस योजना में आपको असल में क्या मिलता है?
आपको राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत हर महीने सब्सिडी वाला अनाज मिलता है।
प्राथमिकता परिवार कार्ड पर हर सदस्य को हर महीने 5 किलो अनाज मिलता है।
अंत्योदय अन्न योजना कार्ड पर परिवार को हर महीने 35 किलो अनाज मिलता है।
रकम और नियम बदल सकते हैं, इसलिए ताज़ा जानकारी nfsa.gov.in या अपने राज्य के खाद्य विभाग से ज़रूर देखें।
इसका उपयोग कौन कर सकता है, और कौन नहीं?
यह योजना उन लोगों के लिए है जिनके पास पहले से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का राशन कार्ड है।
कार्ड आधार से जुड़ा होना चाहिए, और दुकान पर हर सदस्य का बायोमेट्रिक सत्यापन होता है।
नया राशन कार्ड बनेगा या नहीं, यह हर राज्य या केंद्र शासित प्रदेश अपने नियमों से तय करता है।
उदाहरण के लिए दिल्ली में नए कार्ड की सालाना आय सीमा 1.20 लाख रुपये की गई है। लेकिन कुछ जमीन या मकान के मालिक, इनकम टैक्स देने वाले, चार पहिया वाहन वाले, या सरकारी नौकरी वाले पात्र नहीं हैं।
यह योजना क्यों शुरू हुई, और हाल में क्या बदला?
यह योजना 2018 में शुरू हुई, ताकि प्रवासी मज़दूरों समेत सबको खाद्य सुरक्षा मिले।
पहले राशन कार्ड सिर्फ अपने राज्य या जिले में चलता था।
यह योजना खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग चलाता है, अन्नवितरण और IM-PDS प्रणाली के ज़रिए।
हाल ही में सरकार ने अनुमति दी है कि स्टॉक और सुविधा के हिसाब से गेहूं एक दुकान से और चावल दूसरी से लिया जा सकता है।
कौन से कागज़ तैयार रखें?
राशन कार्ड और परिवार के हर सदस्य का आधार कार्ड तैयार रखें।
आधार से जुड़ा बैंक खाता और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर रखें।
दिल्ली में नए कार्ड के लिए निवास का प्रमाण, परिवार की आय का प्रमाण पत्र, पात्रता का शपथ पत्र और ताज़ा बिजली बिल चाहिए।
दूसरे राज्यों में भी इसी तरह के कागज़ मांगे जा सकते हैं, इसलिए अपने राज्य के पोर्टल पर सूची देख लें।
दूसरे राज्य में राशन कैसे लें?
देश में किसी भी ऐसी उचित मूल्य की दुकान पर जाएं जो इस योजना में शामिल है।
राशन कार्ड और आधार कार्ड साथ ले जाएं, और मोबाइल फोन भी रखें।
दुकानदार मशीन पर बायोमेट्रिक सत्यापन से आपकी पहचान करेगा।
फिर सरकारी दर पर अपना मासिक अनाज लें, और लेन-देन दर्ज हो जाएगा।
नया राशन कार्ड कैसे बनवाएं?
नए राशन कार्ड के आवेदन आपके राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का खाद्य विभाग संभालता है।
दिल्ली में आवेदन ऑनलाइन, ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर, परिवार के मुखिया द्वारा करना होता है।
दिल्ली में आमतौर पर परिवार की सबसे बड़ी महिला मुखिया मानी जाती है। वह 18 साल से कम हो तो सबसे बड़ा पुरुष।
जांच के बाद जिला समिति फैसला लेती है, और आपका नाम प्रतीक्षा सूची में भी जा सकता है।
राशन रुके या मना हो जाए तो क्या करें?
पहले उचित मूल्य की दुकान के दुकानदार से बात करें, और हो सके तो कारण लिखित में मांगें।
फिर जिले के खाद्य आपूर्ति कार्यालय या जिलाधिकारी से संपर्क करें, जो शिकायतें देखते हैं।
दिल्ली में सार्वजनिक शिकायत आयोग भी शिकायत देख सकता है।
राशन कार्ड या अनाज के लिए कभी किसी एजेंट या बिचौलिए को पैसे न दें। दुकान आपसे अतिरिक्त पैसे नहीं ले सकती।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या प्रवासी मज़दूर जिस शहर में काम करता है, वहां राशन ले सकता है?
हां। इस योजना के तहत आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन से भारत की किसी भी उचित मूल्य की दुकान से अपना हिस्सा ले सकते हैं।
क्या राशन कार्ड नए राज्य में ट्रांसफर करना पड़ता है?
नहीं। कार्ड अपने गृह राज्य का ही रहता है, और नई जगह उसे दुकान पर इस्तेमाल करते हैं।
क्या गेहूं और चावल अलग-अलग दुकानों से ले सकते हैं?
हां, सरकार ने हाल में यह सुविधा दी है, स्टॉक और सुविधा के हिसाब से। अपनी स्थानीय दुकान या खाद्य कार्यालय से पुष्टि कर लें।
क्या इस योजना की कोई आखिरी तारीख है?
पोर्टेबिलिटी योजना की कोई तय आखिरी तारीख नहीं बताई गई है। नए कार्ड के आवेदन आपके राज्य की प्रक्रिया और खाली जगहों पर निर्भर हैं।
क्या इस योजना का कोई शुल्क है?
नहीं। दुकानें अतिरिक्त पैसे नहीं ले सकतीं। अगर कोई पैसे मांगे, तो जिले के खाद्य कार्यालय में शिकायत करें।
आधिकारिक लिंक
यह गाइड योजना के आधिकारिक नियमों पर आधारित है। नियम और रकम बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर ज़रूर जांचें। News Anek सरकारी वेबसाइट नहीं है।