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सरकारी योजना

पीएम-अजय: अनुसूचित जाति गांवों, छात्रों और कौशल के लिए केंद्र की योजना

पीएम-अजय अनुसूचित जाति समुदायों के लिए 100 प्रतिशत केंद्र से वित्त पोषित योजना है। यह आदर्श ग्राम, कौशल व आजीविका अनुदान और छात्रावास निर्माण के ज़रिए काम करती है।

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प्रतीकात्मक फोटो: Kuthachi Village Temple Mandi Himachal Feb20 R16 02756. Photo: Debashrita / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

यहां पूरी योजना एक जगह है: क्या मिलता है, कौन पात्र है, आवेदन कैसे करें, और क्या जांचें।

योजना एक नज़र में
योजनाप्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय)
मंत्रालयसामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार
फायदागांव विकास निधि, कौशल व आजीविका अनुदान और छात्रावास निर्माण
कौन लाभ ले सकता हैअनुसूचित जाति समुदाय और अनुसूचित जाति बहुल गांव
पैसा कैसे मिलता हैराज्य सरकारों और क्रियान्वयन एजेंसियों के ज़रिए, पीएम-अजय पोर्टल पर ट्रैक होता है
कहां देखेंpmajay.dosje.gov.in या राज्य का सामाजिक कल्याण विभाग
आवेदन शुल्कमुफ्त

एक नज़र में

  • पीएम-अजय पूरे भारत में अनुसूचित जाति समुदायों के लिए 100 प्रतिशत केंद्र से वित्त पोषित योजना है।
  • इसके तीन हिस्से हैं: आदर्श ग्राम, कौशल व आजीविका अनुदान, और छात्रावास।
  • गांव के चयन के लिए अनुसूचित जाति आबादी 40 प्रतिशत से ज़्यादा और कुल आबादी कम से कम 500 होनी चाहिए।
  • प्रगति पीएम-अजय पोर्टल और AJAY मोबाइल ऐप पर ट्रैक होती है।

तो योजना असल में क्या देती है?

पीएम-अजय तीन हिस्सों में काम करती है। हर हिस्सा लोगों तक अलग तरीके से पहुंचता है।

आदर्श ग्राम में चुने गए गांवों को विकास कार्यों के लिए पैसा मिलता है। इसमें पीने का पानी, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली शामिल हैं।

अनुदान वाले हिस्से में अनुसूचित जाति समुदायों के कौशल और आजीविका कार्यक्रमों को सहायता मिलती है।

छात्रावास वाले हिस्से में शैक्षणिक संस्थानों में छात्रावास बनाने और मरम्मत के लिए पैसा मिलता है। सटीक राशि स्वीकृत परियोजना और राज्य की योजना पर निर्भर करती है।

कौन लाभ ले सकता है, और कौन से गांव पात्र हैं?

पीएम-अजय अनुसूचित जाति समुदायों के लिए है। इसका मुख्य ध्यान अनुसूचित जाति बहुल गांवों पर है।

आदर्श ग्राम के लिए गांव में अनुसूचित जाति आबादी 40 प्रतिशत से ज़्यादा होनी चाहिए। कुल आबादी कम से कम 500 होनी चाहिए।

गांव को आदर्श ग्राम का दर्जा तभी मिलता है जब वह निर्धारित विकास संकेतकों पर 100 में से कम से कम 70 अंक लाए। गांव खुले में शौच से मुक्त भी होना चाहिए।

कौशल और छात्रावास सहायता की पात्रता राज्य की योजना और क्रियान्वयन एजेंसी पर निर्भर करती है। राज्य के सामाजिक कल्याण कार्यालय से पूछें।

योजना कब शुरू हुई, और हाल में क्या बदला?

पीएम-अजय 2021-22 में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने शुरू की थी। इसने तीन पुरानी योजनाओं को मिलाकर एक योजना बनाया।

पुरानी योजनाएं थीं: प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए विशेष केंद्रीय सहायता, और बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना।

मंत्रालय ने अब एक डिजिटल पोर्टल और मोबाइल ऐप शुरू किया है। इससे गांव योजनाएं, लाभार्थी और निर्माण कार्य वास्तविक समय में ट्रैक होते हैं।

कौन से कागज़ तैयार रखें?

योजना से जुड़े किसी भी लाभ के लिए आधार कार्ड और जाति प्रमाण पत्र तैयार रखें।

कौशल या छात्रावास सहायता के लिए शिक्षा या प्रशिक्षण के रिकॉर्ड साथ रखें।

गांव स्तर के आवेदन आमतौर पर स्थानीय प्रशासन करता है, इसलिए गांव के रिकॉर्ड काम आएंगे।

आवेदन या भागीदारी कैसे करें, एक-एक कदम?

योजना की जानकारी और प्रगति के डैशबोर्ड के लिए pmajay.dosje.gov.in पर जाएं।

गांव विकास के लिए राज्य सरकार गांव चुनती है और गांव विकास योजना बनाती है। आपकी ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय बता सकता है कि आपका गांव सूची में है या नहीं।

कौशल, छात्रावास या अनुदान के लिए राज्य के सामाजिक कल्याण या अनुसूचित जाति विकास विभाग से संपर्क करें। वे मौजूदा प्रक्रिया बताएंगे।

प्रगति कैसे देखें, और काम अटक जाए तो क्या करें?

राज्यों में गांव और फंड की प्रगति देखने के लिए पीएम-अजय पोर्टल खोलें।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार कई आदर्श ग्राम कार्य अब भी लंबित हैं। इसलिए देरी का मतलब हमेशा आपकी ओर से गलती नहीं होता।

अगर आपके गांव में काम अटका है, तो पहले ब्लॉक या ज़िला कार्यालय में बात करें। आप राज्य के सामाजिक कल्याण विभाग को लिखित शिकायत भी दे सकते हैं।

कोई हेल्पलाइन है क्या, और किस से सावधान रहें?

मंत्रालय और राज्य कार्यालयों के ताज़ा संपर्क विवरण के लिए पीएम-अजय पोर्टल देखें।

गांव के चयन या छात्रावास सीट के लिए किसी एजेंट को पैसे न दें। सरकारी चयन मुफ्त है।

कुछ समाचार रिपोर्टों में पिछले वर्षों में फंड के उपयोग पर सवाल उठे हैं। ताज़ा तथ्यों के लिए हमेशा आधिकारिक पोर्टल और राज्य कार्यालयों पर भरोसा करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या पीएम-अजय में सीधे पैसे के लिए आवेदन होता है?

ज़्यादातर नहीं। पैसा राज्य सरकार के ज़रिए गांव योजनाओं, कौशल संस्थाओं और छात्रावासों तक जाता है। भागीदारी के तरीके के लिए स्थानीय कार्यालय से पूछें।

क्या भागीदारी के लिए कोई शुल्क है?

नहीं। सरकारी चयन और सहायता मुफ्त है। गांव चयन या छात्रावास सीट के लिए किसी एजेंट को पैसे न दें।

क्या पीएम-अजय पुरानी आदर्श ग्राम योजना जैसी ही है?

नहीं। पीएम-अजय ने 2021-22 में आदर्श ग्राम योजना को दो अन्य योजनाओं के साथ मिलाया।

क्या हर साल गांव चुने जाते हैं?

सरकार चरणों में गांव चुनती है। ताज़ा सूची के लिए पोर्टल देखें।

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