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सरकारी योजना

पीएम धन-धान्य कृषि योजना: 100 ज़िलों के किसानों को कैसे मिलेगा फायदा

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना 100 कम उत्पादन वाले ज़िलों में खेती के लिए छह साल की केंद्र योजना है। यह सीधे नकद पैसे की योजना नहीं है, इसलिए जानिए यह क्या करती है और कहां जांचें।

Women at work, Gujarat
प्रतीकात्मक फोटो: Women at work, Gujarat. Photo: Bernard Gagnon / Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0

यहां पूरी योजना एक जगह है: क्या मिलता है, कौन पात्र है, आवेदन कैसे करें, और क्या जांचें।

योजना एक नज़र में
योजनाप्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना
मंत्रालयकृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार
फायदा36 योजनाओं को मिलाकर सिंचाई, भंडारण, उत्पादकता और कर्ज़ में सुधार
कौन लाभ ले सकता हैचुने गए 100 ज़िलों के किसान, हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से कम से कम एक ज़िला
कैसे दी जाती हैज़िला योजना, राज्य कृषि विभाग और मौजूदा योजनाओं के ज़रिए
कहां जानकारी लेंज़िला कृषि कार्यालय या आधिकारिक साइट agriwelfare.gov.in
आवेदन शुल्कमुफ्त

एक नज़र में

  • यह छह साल चलेगी, सालाना लगभग 24,000 करोड़ रुपये के खर्च के साथ।
  • इसमें 100 ज़िले शामिल हैं, हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से कम से कम एक।
  • इसमें 11 केंद्रीय मंत्रालयों की 36 मौजूदा योजनाएं मिलाई गई हैं।
  • लाभ ज़िला योजनाओं से मिलेगा, किसी एक आवेदन फॉर्म से नहीं।

तो यह योजना किसानों को असल में क्या देती है?

यह योजना हर किसान को एक तय नकद रकम नहीं देती। यह चुने गए ज़िलों की खेती पर काम करती है।

इसका मकसद खेती की उत्पादकता बढ़ाना और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना है। यह प्राकृतिक और जैविक खेती को भी समर्थन देती है।

पंचायत और ब्लॉक स्तर पर फसल कटाई के बाद भंडारण बढ़ाया जाएगा। सिंचाई की सुविधाएं भी बेहतर होंगी।

अल्पकालिक और दीर्घकालिक कृषि कर्ज़ आसानी से मिले, यह भी लक्ष्य है। सरकार के अनुसार लगभग 1.7 करोड़ किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

रकम और ब्योरे बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक साइट देखें।

कौन से ज़िले शामिल हैं, और उनमें कौन आता है?

योजना उन 100 ज़िलों पर केंद्रित है जहां कम उत्पादकता, कम फसल गहनता और सीमित कर्ज़ है।

हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से कम से कम एक ज़िला चुना गया है। जिन राज्यों में खेती का रकबा बड़ा है, वहां ज़्यादा ज़िले हैं।

यह योजना उन्हीं चुने गए ज़िलों में रहने वाले किसानों के लिए है। यह हर किसान के लिए खुली राष्ट्रीय योजना नहीं है।

आपका ज़िला सरकार चुनती है। आप इसके लिए खुद आवेदन नहीं कर सकते।

योजना कैसे चलती है, और काम की योजना कौन बनाता है?

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यह योजना जुलाई 2025 में मंज़ूर की। यह सिर्फ कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों पर केंद्रित पहली योजना है।

इसका ढांचा नीति आयोग के आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम पर आधारित है। इसे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय चलाता है।

ज़िला धन-धान्य समिति ज़िला कृषि एवं संबद्ध गतिविधि योजना बनाएगी। इस समिति में प्रगतिशील किसान भी सदस्य हैं।

हर ज़िले की प्रगति हर महीने 117 मुख्य संकेतकों पर ऑनलाइन डैशबोर्ड से देखी जाएगी।

किसान कौन से कागज़ तैयार रखें?

आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी तैयार रखें। कई कृषि योजनाओं में इनकी ज़रूरत होती है।

खतौनी या अधिकार अभिलेख जैसे ज़मीन के कागज़ साथ रखें। ज़िला कार्यालय इन्हें मांग सकता है।

मोबाइल नंबर चालू रखें। ज़्यादातर सूचना फोन या ज़िला कार्यालय के ज़रिए आएगी।

किसान इसमें कैसे जुड़ सकते हैं?

इस योजना का कोई एक ऑनलाइन फॉर्म नहीं है। किसानों को मदद ज़िला योजनाओं और मौजूदा कार्यक्रमों से मिलेगी।

अपने ज़िला कृषि कार्यालय या कृषि विज्ञान केंद्र पर जाएं। पूछें कि आपका ज़िला चुने गए 100 ज़िलों में है या नहीं।

ज़िला योजना और आपके इलाके में चल रही कृषि सेवाओं के बारे में पूछें।

आपका ज़िला शामिल है या नहीं, यह कैसे जांचें?

agriwelfare.gov.in पर जाएं और योजना के अपडेट देखें।

आप अपने ब्लॉक कृषि अधिकारी या ज़िला कृषि कार्यालय से भी सीधे पूछ सकते हैं।

किन बातों से सावधान रहें?

इस योजना में जगह दिलाने के लिए किसी को पैसे न दें। सरकारी सहायता मुफ्त है।

फोन या संदेश पर पैसे या निजी बैंक जानकारी मांगने वाले एजेंटों से सावधान रहें।

जानकारी के लिए सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट और दफ्तर का इस्तेमाल करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या इस योजना में सीधे नकद पैसे मिलते हैं?

नहीं। यह योजना उत्पादकता, भंडारण, सिंचाई और कर्ज़ के ज़रिए काम करती है। यह हर किसान को सीधे नकद ट्रांसफर नहीं है।

कितने ज़िले शामिल हैं?

योजना में 100 ज़िले शामिल हैं। हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से कम से कम एक ज़िला चुना गया है।

यह योजना कितने समय तक चलेगी?

यह योजना चालू वित्त वर्ष से छह साल तक चलेगी।

क्या इसके लिए कोई शुल्क देना होता है?

नहीं। सरकारी कृषि सहायता मुफ्त है। मदद के लिए किसी एजेंट को पैसे न दें।

क्या चुने गए ज़िलों के बाहर के किसान लाभ ले सकते हैं?

इस योजना के तहत नहीं। सिर्फ चुने गए 100 ज़िलों के किसान इसमें आते हैं।

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