यहां पूरी योजना एक जगह है: क्या मिलता है, कौन पात्र है, आवेदन कैसे करें, और क्या जांचें।
| योजना | स्वामित्व (Survey of Villages and Mapping with Improvised Technology in Village Areas) |
|---|---|
| मंत्रालय | पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार |
| फायदा | ग्रामीण क्षेत्र की आवासीय ज़मीन के लिए कानूनी प्रॉपर्टी कार्ड (अधिकार अभिलेख) |
| कौन आवेदन कर सकता है | सूचित गांवों के वे परिवार जहां सर्वे हुआ है |
| कार्ड कैसे मिलता है | सर्वे और सत्यापन के बाद ग्राम पंचायत के ज़रिए बांटा जाता है |
| कहां संपर्क करें | svamitva.nic.in, ग्राम पंचायत या राज्य का राजस्व/पंचायत कार्यालय |
| आवेदन शुल्क | मुफ्त |
एक नज़र में
- कार्ड गांव की आवासीय (आबादी) ज़मीन के लिए है, खेती की ज़मीन के लिए नहीं।
- साफ़ प्रॉपर्टी कार्ड से घर पर बैंक लोन लेने में मदद मिल सकती है।
- गांव का सर्वे ड्रोन और GIS मैपिंग से होता है।
- केवल सूचित गांव और भाग लेने वाले राज्य इसमें शामिल हैं।
तो आपको असल में क्या मिलता है?
पात्र परिवारों को उनके घर और उस पर खड़ी ज़मीन का प्रॉपर्टी कार्ड मिलता है। इसे अधिकार अभिलेख भी कहते हैं।
कार्ड पर मालिक के रूप में आपका नाम दर्ज होता है। यह आबादी ज़मीन का कानूनी दस्तावेज़ है।
साफ़ कार्ड होने पर आप संपत्ति को गारंटी बनाकर बैंक से लोन ले सकते हैं। इससे परिवार और गांव में संपत्ति के झगड़े भी कम होते हैं।
कार्ड मुफ्त दिया जाता है। इसके लिए किसी एजेंट को पैसे कभी न दें।
कौन आवेदन कर सकता है, और कौन नहीं?
यह योजना गांव-गांव के हिसाब से चलती है। आपका गांव स्वामित्व के तहत सूचित होना चाहिए, और वहां सर्वे हो चुका हो या होने वाला हो।
यह योजना ग्रामीण क्षेत्र की आबादी (आवासीय) ज़मीन को कवर करती है। खेती की ज़मीन इसमें शामिल नहीं है।
पश्चिम बंगाल, बिहार, तेलंगाना, मेघालय और नागालैंड इस योजना में शामिल नहीं हुए। तमिलनाडु में केवल पायलट प्रोजेक्ट हुआ।
अगर आपका राज्य इसमें शामिल नहीं है, तो अभी इस योजना में कार्ड नहीं मिल सकता। ग्राम पंचायत से पूछें।
यह योजना क्यों शुरू हुई?
स्वामित्व योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2020 में शुरू की थी। इसे पंचायती राज मंत्रालय चलाता है।
इसका मकसद ग्रामीण भारत में घरों के लिए साफ़ अधिकार अभिलेख बनाना है। साफ़ मालिकाना हक न होने पर पैसा उधार लेना मुश्किल होता है।
सर्वे भारतीय सर्वेक्षण विभाग ड्रोन और GIS तकनीक से करता है। राज्य सरकारें क्षेत्र में सत्यापन के बाद जानकारी देती हैं।
सरकार ने कहा है कि सभी 344,868 सूचित गांव अब मार्च 2026 तक कवर होंगे, जो तय समय से एक साल बाद है।
कौन से कागज़ तैयार रखें?
आधार कार्ड और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर तैयार रखें।
घर या ज़मीन के कोई भी कागज़ रखें, जैसे पुरानी घर-टैक्स की रसीद, बिक्री विलेख या पारिवारिक दस्तावेज़।
घर में रहने वाले सभी सदस्यों के नाम तैयार रखें, ताकि अधिकारी मालिकाना विवरण जांच सकें।
सत्यापन के दौरान स्थानीय अधिकारी और कागज़ मांग सकते हैं, इसलिए उनकी कॉपी भी रखें।
प्रक्रिया कैसे होती है, एक-एक कदम?
पहले गांव का ड्रोन सर्वे होता है और नक्शे तैयार किए जाते हैं।
फिर राज्य सरकार मौके पर हर संपत्ति का मालिक के साथ सत्यापन करती है।
सत्यापन के बाद प्रॉपर्टी कार्ड तैयार होकर परिवारों को दिए जाते हैं।
योजना के बारे में जानकारी और अपने राज्य के ताज़ा अपडेट के लिए svamitva.nic.in देखें।
स्टेटस कैसे जांचें, और कार्ड में देरी हो तो क्या करें?
सबसे पहले ग्राम पंचायत से पूछें कि आपका गांव स्वामित्व के तहत सूचित है या नहीं।
पूछें कि आपकी संपत्ति का मौके पर सत्यापन पूरा हुआ या नहीं, और कार्ड तैयार है या नहीं।
कार्ड में देरी हो तो ग्राम पंचायत सचिव या ब्लॉक पंचायत कार्यालय से बात करें।
अपडेट के लिए स्वामित्व की वेबसाइट या राज्य पंचायत कार्यालय से आधिकारिक हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
किन बातों से सावधान रहें?
प्रॉपर्टी कार्ड के लिए किसी को पैसे कभी न दें। पात्र परिवारों के लिए यह योजना मुफ्त है।
पैसे लेकर कार्ड दिलाने का वादा करने वाले एजेंटों से सावधान रहें। उनकी शिकायत ग्राम पंचायत या पुलिस से करें।
कार्ड लेने से पहले नाम और उस पर दर्ज जानकारी सही है या नहीं, यह जांच लें।
कार्ड संभालकर रखें, क्योंकि यह आपकी संपत्ति का महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज़ है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या स्वामित्व प्रॉपर्टी कार्ड मुफ्त है?
हां। पात्र परिवारों को कार्ड मुफ्त दिया जाता है। किसी एजेंट को पैसे कभी न दें।
क्या प्रॉपर्टी कार्ड से बैंक लोन मिल सकता है?
साफ़ प्रॉपर्टी कार्ड से घर को गारंटी बनाकर लोन लेने में मदद मिल सकती है। बैंक अपने नियमों से फैसला करेगा।
क्या स्वामित्व में खेती की ज़मीन शामिल है?
नहीं। यह योजना गांव की आबादी (आवासीय) ज़मीन के लिए है, खेती की ज़मीन के लिए नहीं।
कौन से राज्य स्वामित्व में शामिल नहीं हैं?
पश्चिम बंगाल, बिहार, तेलंगाना, मेघालय और नागालैंड शामिल नहीं हुए। तमिलनाडु में केवल पायलट हुआ।
प्रॉपर्टी कार्ड के लिए कहां आवेदन करें?
ज़्यादातर मामलों में अलग से आवेदन नहीं करना होता, क्योंकि सर्वे सूचित गांवों में होता है। ग्राम पंचायत से पूछें या svamitva.nic.in देखें।
आधिकारिक लिंक
यह गाइड योजना के आधिकारिक नियमों पर आधारित है। नियम और रकम बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर ज़रूर जांचें। News Anek सरकारी वेबसाइट नहीं है।