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सरकारी योजना

पीएमजीडिशा: गांव के लोगों के लिए मुफ्त डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण, और नामांकन कैसे करें

पीएमजीडिशा उन ग्रामीण परिवारों को मुफ्त डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण देती है जिन्हें कंप्यूटर या स्मार्टफोन चलाना नहीं आता। जानिए कौन जुड़ सकता है, क्या सिखाया जाता है और नामांकन कैसे होता है।

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प्रतीकात्मक फोटो: IMG-20200211-WA0003. Photo: Manoj12kum / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

यहां पूरी योजना एक जगह है: क्या मिलता है, कौन पात्र है, आवेदन कैसे करें, और क्या जांचें।

योजना एक नज़र में
योजनाप्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (पीएमजीडिशा)
मंत्रालयइलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार
फायदाहर पात्र ग्रामीण परिवार के एक सदस्य को मुफ्त डिजिटल प्रशिक्षण
कौन आवेदन कर सकता हैग्रामीण नागरिक, खासकर जिनके पास डिजिटल कौशल नहीं है
प्रशिक्षण कैसे मिलता हैअधिकृत कॉमन सर्विस सेंटर और प्रशिक्षण केंद्रों पर आमने-सामने की कक्षाएं
कहां आवेदन करेंpmgdisha.in या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
आवेदन शुल्कमुफ्त

एक नज़र में

  • पात्र ग्रामीण नागरिकों के लिए प्रशिक्षण मुफ्त है।
  • लक्ष्य 6 करोड़ ग्रामीण परिवारों को डिजिटल साक्षर बनाना था।
  • बुनियादी कंप्यूटर, स्मार्टफोन और ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल सिखाया जाता है।
  • नामांकन pmgdisha.in या नजदीकी CSC से करें।

तो असल में क्या मिलता है?

पात्र ग्रामीण नागरिकों को बुनियादी डिजिटल कौशल का मुफ्त प्रशिक्षण मिलता है।

कोर्स में कंप्यूटर या स्मार्टफोन चलाना, ईमेल और ऑनलाइन सेवाएं सिखाई जाती हैं।

इसमें डिजिटल भुगतान और सरकारी सेवाएं ऑनलाइन लेने का तरीका भी शामिल है।

यह योजना 2017 में मंजूर हुई थी, जिसका लक्ष्य मार्च 2020 तक 6 करोड़ ग्रामीण परिवार था। लक्ष्य और समय-सीमा बदल सकते हैं, इसलिए आधिकारिक साइट पर पुष्टि करें।

कौन जुड़ सकता है, और कौन नहीं?

यह योजना उन ग्रामीण नागरिकों के लिए है जिनके पास बुनियादी डिजिटल कौशल नहीं है।

हर पात्र परिवार के एक सदस्य को प्राथमिकता दी जाती है।

यह अखिल भारतीय योजना है, इसलिए कोई भी राज्य का निवासी जुड़ सकता है, बशर्ते वह ग्रामीण क्षेत्र में रहता हो।

शहरी निवासी आम तौर पर इसमें शामिल नहीं होते।

यह योजना क्यों शुरू हुई?

पीएमजीडिशा को 2017 में भारत सरकार ने मंजूरी दी थी।

इसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, MeitY चलाता है।

यह 1 जुलाई 2015 को शुरू हुए डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का हिस्सा है।

उद्देश्य है ग्रामीण परिवारों को डिजिटल दुनिया से जोड़ना।

कौन से कागज़ तैयार रखें?

आधार कार्ड पास रखें, क्योंकि पंजीकरण में इसका इस्तेमाल होता है।

एक मोबाइल नंबर रखें जो प्रशिक्षण के दौरान उपलब्ध हो।

प्रशिक्षण केंद्र कोई और कागज़ मांगे तो आधिकारिक साइट पर जांच लें।

ऑनलाइन नामांकन कैसे करें, एक-एक कदम?

pmgdisha.in पर जाएं और पंजीकरण या नामांकन का विकल्प खोजें।

नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर और गांव जैसी जानकारी भरें।

फॉर्म जमा करें और मिलने वाला पंजीकरण नंबर संभालकर रखें।

ऑफलाइन नामांकन कैसे करें?

अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाएं, जो अक्सर गांव या ब्लॉक टाउन में होता है।

ऑपरेटर से कहें कि आपको पीएमजीडिशा प्रशिक्षण के लिए पंजीकृत करें।

केंद्र बैच का समय और कक्षा का स्थान बताएगा।

प्रशिक्षण केंद्र न मिले या स्थिति साफ न हो तो क्या करें?

नजदीकी CSC या ब्लॉक कार्यालय से मार्गदर्शन लें।

अपने क्षेत्र के अधिकृत केंद्रों की सूची आधिकारिक साइट पर देखें।

पैसे लेकर सर्टिफिकेट का वादा करने वाले एजेंट को कभी पैसे न दें। मुफ्त प्रशिक्षण आधिकारिक केंद्रों पर दिया जाता है।

मदद कहां से मिलेगी?

pmgdisha.in पर दिए गए ताज़ा हेल्पलाइन विवरण का इस्तेमाल करें।

आमने-सामने मदद के लिए नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाएं।

अधिकारियों से बात करते समय अपना पंजीकरण नंबर संभालकर रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या पीएमजीडिशा प्रशिक्षण मुफ्त है?

हां, पात्र ग्रामीण नागरिकों को प्रशिक्षण बिना शुल्क दिया जाता है।

क्या शहरी निवासी जुड़ सकते हैं?

यह योजना मुख्य रूप से ग्रामीण नागरिकों के लिए है, इसलिए शहरी निवासी आम तौर पर शामिल नहीं होते।

क्या परिवार के एक से ज़्यादा सदस्य जुड़ सकते हैं?

हर पात्र परिवार के एक सदस्य को प्राथमिकता दी जाती है। मौजूदा नियम के लिए आधिकारिक साइट देखें।

क्या नामांकन की कोई आखिरी तारीख है?

मूल लक्ष्य मार्च 2020 तक था। मौजूदा नामांकन अवधि के लिए pmgdisha.in देखें।

नामांकन कहां करें?

pmgdisha.in पर या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर पंजीकरण करें।

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