यहां पूरी योजना एक जगह है: क्या मिलता है, कौन पात्र है, आवेदन कैसे करें, और क्या जांचें।
| योजना | राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) |
|---|---|
| मंत्रालय | पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार |
| फायदा | देसी गोवंश की नस्ल सुधार, गोकुल ग्राम केंद्र और डेयरी विकास में सहयोग |
| कौन आवेदन कर सकता है | मुख्य रूप से किसान, डेयरी किसान और पशुपालक, खासकर छोटे और सीमांत किसान |
| सहायता कैसे मिलती है | राज्य सरकारों, क्रियान्वयन एजेंसियों और नामित केंद्रों के ज़रिए |
| कहां आवेदन करें | dahd.gov.in या अपने राज्य के पशुपालन विभाग में |
| आवेदन शुल्क | मुफ्त |
एक नज़र में
- इसमें वैज्ञानिक तरीके से देसी गोवंश की नस्ल सुधारी जाती है।
- संशोधित योजना का कुल आवंटन 2021-22 से 2025-26 के लिए 3,400 करोड़ रुपये है।
- छोटे और सीमांत किसान और महिलाएं इसका मुख्य फोकस हैं।
- अपने राज्य के पशुपालन कार्यालय से ताज़ा घटक और शर्तें जांचें।
तो किसान को इस योजना से असल में क्या मिलता है?
राष्ट्रीय गोकुल मिशन देसी गोवंश के पालन और देखभाल में मदद करता है। इसका लक्ष्य गाय और भैंसों की आनुवंशिक गुणवत्ता सुधारना है।
इस मिशन के तहत गोकुल ग्राम के लिए धनराशि जारी हुई है। ये एकीकृत देसी गोवंश विकास केंद्र हैं, जो देसी नस्लों को वैज्ञानिक ढंग से संरक्षित और विकसित करते हैं।
सहायता में कृत्रिम गर्भाधान और बेहतर प्रजनन सेवाएं भी शामिल हैं।
संशोधित योजना को 19 मार्च 2025 को मंज़ूरी मिली, और 2021-22 से 2025-26 के लिए कुल 3,400 करोड़ रुपये का आवंटन है।
राशि और घटक बदल सकते हैं, इसलिए ताज़ा जानकारी आधिकारिक साइट पर ज़रूर जांचें।
किसे फायदा मिल सकता है, और कौन बाहर है?
यह योजना मुख्य रूप से उन किसानों और पशुपालकों की मदद करती है जो देसी गोवंश और डेयरी पशु पालते हैं।
छोटे और सीमांत किसान इसका मुख्य फोकस हैं। पशुपालन के काम में बड़ी भागीदारी रखने वाली महिलाओं को भी फायदा होने की उम्मीद है।
यह केंद्र की योजना है और पूरे भारत में लागू है, लेकिन सहायता आप तक कैसे पहुंचेगी, यह आपके राज्य और स्थानीय एजेंसी पर निर्भर करता है।
जो लोग गाय या दूध वाले पशु नहीं पालते, उन्हें प्रजनन सहायता का सीधा फायदा शायद न मिले।
यह योजना क्यों शुरू हुई, और हाल में क्या बदला?
यह मिशन दिसंबर 2014 में 2014-15 से 2016-17 के लिए 500 करोड़ रुपये के शुरुआती फंड के साथ शुरू हुआ।
इसे पशुपालन और डेयरी विभाग चलाता है, जो पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत आता है।
बाद में इसे राष्ट्रीय पशुधन विकास योजना के तहत जारी रखा गया। संशोधित मिशन को मार्च 2025 में केंद्रीय कैबिनेट ने मंज़ूरी दी।
कौन से कागज़ तैयार रखें?
आधार कार्ड और अपने बैंक खाते की जानकारी तैयार रखें।
ज़मीन के कागज़ या पशुपालन और डेयरी काम का कोई प्रमाण रखें।
आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर रखें, क्योंकि ज़्यादातर अपडेट SMS से आते हैं।
आवेदन कैसे करें, एक-एक कदम?
dahd.gov.in पर जाएं और राष्ट्रीय गोकुल मिशन वाला हिस्सा ढूंढें।
आप अपने राज्य के पशुपालन या डेयरी विकास कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं।
पूछें कि आपके क्षेत्र में कौन सा घटक खुला है, जैसे प्रजनन सहायता, गोकुल ग्राम सेवाएं या डेयरी ढांचा।
निर्देश के अनुसार फॉर्म भरें, और कॉपी या स्वीकृति नंबर सुरक्षित रखें।
सहायता में देरी हो या मदद चाहिए तो क्या करें?
पहले अपने स्थानीय पशुपालन कार्यालय से स्थिति जांचें।
आप आधिकारिक DAHD वेबसाइट के ज़रिए भी अपनी शिकायत रख सकते हैं।
किसी एजेंट या व्यक्ति को पैसे न दें जो अनुदान या सब्सिडी का वादा करे। सरकारी सहायता के लिए आवेदन मुफ्त है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या राष्ट्रीय गोकुल मिशन केंद्र की योजना है?
हां, यह केंद्र की योजना है जो पूरे भारत में लागू है। सहायता आप तक कैसे पहुंचेगी, यह आपके राज्य और स्थानीय एजेंसी पर निर्भर करता है।
गोकुल ग्राम क्या है?
गोकुल ग्राम एकीकृत देसी गोवंश विकास केंद्र है। यह देसी नस्लों को वैज्ञानिक ढंग से संरक्षित और विकसित करने का काम करता है।
संशोधित योजना को कितना पैसा मिला है?
संशोधित मिशन का कुल आवंटन 2021-22 से 2025-26 के लिए 3,400 करोड़ रुपये है, जिसे मार्च 2025 में मंज़ूरी मिली।
क्या आवेदन का कोई शुल्क है?
नहीं, किसी को पैसे न दें। मुफ्त आवेदन के तरीके के लिए आधिकारिक साइट जांचें।
इस योजना को कौन चलाता है?
इसे पशुपालन और डेयरी विभाग चलाता है, जो पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत आता है।
आधिकारिक लिंक
यह गाइड योजना के आधिकारिक नियमों पर आधारित है। नियम और रकम बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर ज़रूर जांचें। News Anek सरकारी वेबसाइट नहीं है।