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सरकारी योजना

सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0: माताओं और बच्चों के लिए मुफ्त पोषण, स्वास्थ्य और प्री-स्कूल

सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 पूरे भारत में लगभग 14 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों के ज़रिए चलती है। जानिए माताओं और छोटे बच्चों को क्या मिलता है, और केंद्र तक कैसे पहुंचें।

Rural women and cattle on a village road in Raichur
प्रतीकात्मक फोटो: Rural women and cattle on a village road in Raichur. Photo: User: Vraj Acharya, WELL Labs / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

यहां पूरी योजना एक जगह है: क्या मिलता है, कौन पात्र है, आवेदन कैसे करें, और क्या जांचें।

योजना एक नज़र में
योजनासक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 (मिशन)
मंत्रालयमहिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार
फायदापूरक पोषाहार, स्वास्थ्य जांच, प्री-स्कूल गतिविधियां और पोषण शिक्षा
कौन लाभ ले सकता हैगर्भवती महिलाएं, दूध पिलाने वाली माताएं, 6 साल तक के बच्चे और किशोरी लड़कियां
कैसे मिलता हैस्थानीय आंगनवाड़ी केंद्र (AWC) पर सेवाएं
कहां जाएंनज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र, या जानकारी के लिए poshanabhiyaan.gov.in
कोई शुल्कमुफ्त

एक नज़र में

  • स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्र पर सेवाएं मुफ्त हैं।
  • गर्भवती महिलाएं, नई माताएं और 6 साल से छोटे बच्चे मुख्य लाभार्थी हैं।
  • पूरे भारत में लगभग 14 लाख आंगनवाड़ी केंद्र चलते हैं।
  • केंद्र पर पंजीकरण से सभी सेवाओं तक पहुंच मिलती है।

तो परिवारों को असल में क्या मिलता है?

आंगनवाड़ी केंद्र गर्भवती महिलाओं, नई माताओं और छोटे बच्चों को मुफ्त पूरक पोषाहार देते हैं।

बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग होती है, और उनका वज़न व लंबाई नियमित रूप से जांची जाती है।

3 से 6 साल के बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करने वाली प्री-स्कूल गतिविधियां मिलती हैं।

माताओं को पोषण शिक्षा मिलती है, और टीकाकरण के रेफरल व परिवार नियोजन की सलाह जैसी बुनियादी सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

आंगनवाड़ी का लाभ कौन ले सकता है?

मुख्य समूह हैं गर्भवती महिलाएं, दूध पिलाने वाली माताएं, 6 साल तक के बच्चे और किशोरी लड़कियां।

सेवाएं उन परिवारों के लिए हैं जो केंद्र के इलाके में रहते हैं।

मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 में लगभग 8.98 करोड़ पंजीकृत लाभार्थी शामिल हैं।

आयु वर्ग के हिसाब से सेवाएं बदल सकती हैं, इसलिए अपनी स्थानीय कार्यकर्ता से पूछें कि कौन सी सेवा आप पर लागू होती है।

थोड़ी पृष्ठभूमि: यह कैसे शुरू हुआ?

आंगनवाड़ी की शुरुआत 1975 में महाराष्ट्र में एकीकृत बाल विकास सेवा योजना के तहत हुई।

इसका उद्देश्य बच्चों की भूख, कुपोषण और शुरुआती खराब स्वास्थ्य से लड़ना है।

नई मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 में पोषण, डिजिटल रिकॉर्ड और बेहतर शुरुआती देखभाल पर ज़ोर है।

नियम और आंकड़े बदल सकते हैं, इसलिए ताज़ा जानकारी के लिए सरकारी पोर्टल देखें।

कौन से दस्तावेज़ तैयार रखें?

आधार कार्ड और बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र या आधार विवरण तैयार रखें।

माताएं अपना मातृत्व या स्वास्थ्य कार्ड साथ रखें, अगर उनके पास है।

मोबाइल नंबर दें, ताकि कार्यकर्ता अपडेट और याद दिलाने के लिए संपर्क कर सकें।

पंजीकरण कैसे करें और सेवाएं कैसे लें?

अपने नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र जाएं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से मिलें।

अपना नाम, पता, और माता व बच्चे का विवरण बताएं।

कार्यकर्ता आपके परिवार को रजिस्टर में दर्ज करेंगी और सेवाएं समझाएंगी।

ऑनलाइन जानकारी poshanabhiyaan.gov.in पर उपलब्ध है।

क्या केंद्र जाए बिना भी मदद मिल सकती है?

ज़्यादातर सेवाएं केंद्र पर ही दी जाती हैं, इसलिए वहां जाना सबसे आसान रास्ता है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका ग्रोथ मॉनिटरिंग के लिए घर भी आती हैं।

अगर केंद्र दूर है या बंद है, तो ब्लॉक या ज़िला महिला एवं बाल विकास कार्यालय से मदद लें।

अगर सेवा छूट जाए या बंद हो जाए तो क्या करें?

सबसे पहले आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से बात करें और बच्चे का रिकॉर्ड जांचने को कहें।

खराब रिकॉर्ड या डिजिटल ऐप की तकनीकी दिक्कत से सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

समस्या बनी रहे तो ब्लॉक की बाल विकास परियोजना अधिकारी या ज़िला कार्यालय से संपर्क करें।

आंगनवाड़ी सेवाओं के लिए किसी को पैसे न दें। पैसे की मांग की शिकायत करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या आंगनवाड़ी सेवा मुफ्त है?

हां। पात्र परिवारों के लिए आंगनवाड़ी केंद्र की सेवाएं मुफ्त हैं।

क्या पिता या दादा-दादी बच्चे को आंगनवाड़ी ले जा सकते हैं?

हां। परिवार का कोई भी सदस्य बच्चे को केंद्र ले जा सकता है और कार्यकर्ता से मिल सकता है।

क्या बच्चों के लिए आयु सीमा है?

सेवाएं मुख्य रूप से 6 साल तक के बच्चों के लिए हैं, और 3 से 6 साल के बच्चों के लिए प्री-स्कूल गतिविधियां हैं।

क्या सेवाएं लेने के लिए स्मार्टफोन चाहिए?

नहीं। रिकॉर्ड आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रखती हैं, इसलिए आपको स्मार्टफोन की ज़रूरत नहीं है।

आंगनवाड़ी केंद्र कौन चलाता है?

इसे आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका चलाती हैं। यह महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत राज्य सरकार के सहयोग से होता है।

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