भारत और यूरोपीय संघ ने हॉराइज़न यूरोप में भारत की भागीदारी पर बातचीत पूरी कर ली है।
यह यूरोपीय संघ का प्रमुख शोध और नवाचार कार्यक्रम है, जिसका बजट 93.5 अरब यूरो है।
यह बातचीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिसंबर के मध्य में संभावित ब्रुसेल्स दौरे से पहले पूरी हुई है।
उस दौरे में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
यह जानकारी द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दी गई है। यूरोपीय आयोग ने इस पड़ाव को भारत-यूरोपीय संबंधों के लिए एक अहम कदम बताया है।
एक नज़र में
- भारत और यूरोपीय संघ ने हॉराइज़न यूरोप से जुड़ने की बातचीत पूरी की है।
- भारत की भागीदारी जनवरी 2027 से शुरू होने वाली है।
- समझौते पर हस्ताक्षर के बाद भारतीय शोधकर्ता सीधे फंडिंग पा सकेंगे।
- मोदी के दिसंबर के मध्य में ब्रुसेल्स जाने की उम्मीद है।
तो हॉराइज़न यूरोप क्या है?
हॉराइज़न यूरोप यूरोपीय संघ का मुख्य शोध और नवाचार कार्यक्रम है। यह वैज्ञानिकों और कंपनियों को मिलकर परियोजनाएं चलाने में मदद करता है।
इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा हिस्सा पिलर II कहलाता है।
इसमें स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा, अंतरिक्ष और बायोइकॉनमी जैसे वैश्विक मुद्दों पर काम होता है।
एसोसिएशन का मतलब है कि यूरोपीय संघ के बाहर के संगठन भी यूरोपीय साझेदारों के बराबर शर्तों पर हिस्सा ले सकते हैं।
बदले में वे कार्यक्रम में वित्तीय योगदान देते हैं।
इसका भारतीय शोधकर्ताओं पर क्या असर होगा?
समझौते पर हस्ताक्षर के बाद भारतीय शोधकर्ता और संगठन सीधे हॉराइज़न यूरोप से फंडिंग पा सकेंगे। वे संयुक्त शोध परियोजनाओं का नेतृत्व भी कर सकेंगे।
फरवरी में प्रारंभिक चर्चाएं शुरू हुई थीं, और जुलाई में औपचारिक बातचीत हुई। यह ताज़ा कदम 2001 के विज्ञान और तकनीक सहयोग समझौते पर आधारित है।
- 2001भारत-यूरोपीय संघ विज्ञान और तकनीक सहयोग समझौता, जिस पर ताज़ा कदम आधारित है
- फरवरीहॉराइज़न यूरोप में भारत की भागीदारी पर प्रारंभिक चर्चाएं शुरू हुईं
- जुलाईइस मुद्दे पर औपचारिक बातचीत हुई
- 20302001 के विज्ञान और तकनीक सहयोग समझौते को 2030 तक नवीनीकृत किया गया
- जनवरी 2027भारत की हॉराइज़न यूरोप में भागीदारी शुरू होने की योजना है
ग्राफिक: News Anek, इसी खबर के तथ्यों से
उस समझौते को 2030 तक नवीनीकृत किया गया है। जनवरी में अपनाए गए 2030 के रणनीतिक एजेंडा में भी शोध को अहम हिस्सा माना गया है।
आगे साझेदारी के लिए क्या होगा?
समझौते पर अभी हस्ताक्षर होना बाकी है, और दोनों पक्षों को अपनी ज़रूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।
भारत की भागीदारी जनवरी 2027 से शुरू होने की योजना है।
यूरोपीय आयोग की स्टार्टअप, शोध और नवाचार कमिश्नर एकातेरिना ज़ाहारिएवा ने कहा कि इस समझौते से कारोबारियों के लिए नए मौके खुलेंगे।
उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को भविष्य की तकनीक मिलकर बनानी चाहिए।
व्यापक सहयोग भी बढ़ रहा है।
ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर और छठी पीढ़ी की वायरलेस तकनीक जैसे क्षेत्रों पर बात होती है।
एग्ज़ाम कॉर्नर
UPSC जीएस पेपर 2 · अंतरराष्ट्रीय संबंध: भारत-यूरोपीय संघ विज्ञान सहयोग
क्या है खबर
भारत और यूरोपीय संघ ने यूरोपीय संघ के शोध और नवाचार कार्यक्रम हॉराइज़न यूरोप में भारत की भागीदारी पर बातचीत पूरी कर ली है। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिसंबर के मध्य में संभावित ब्रुसेल्स दौरे से पहले आया है।
पृष्ठभूमि
- हॉराइज़न यूरोप में जुड़ने पर सहयोगी देश के संगठन यूरोपीय संघ के साझेदारों के बराबर शर्तों पर भाग ले सकते हैं, और वे कार्यक्रम में वित्तीय योगदान देते हैं।
- भारत और यूरोपीय संघ का वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग समझौता 2001 में हुआ था, जिसे 2030 तक नवीनीकृत किया गया है।
- शोध और नवाचार, 2030 के लिए भारत-यूरोपीय संघ व्यापक रणनीतिक एजेंडा का अहम हिस्सा है, जिसे जनवरी में शिखर सम्मेलन में अपनाया गया था।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- हॉराइज़न यूरोप का बजट 93.5 अरब यूरो है।
- भारत की भागीदारी जनवरी 2027 से शुरू होने वाली है।
- ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल भारत और यूरोपीय संघ के बीच द्विपक्षीय सहयोग का मंच है।
मेन्स के लिए सामग्री
- महत्व: संयुक्त शोध से भारतीय शोधकर्ताओं और कारोबारियों को नई तकनीक, विशेषज्ञता और फंडिंग मिल सकती है।
- मुख्य मुद्दा: जुड़ने के लिए दोनों पक्षों की प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी, और भारत को वित्तीय योगदान भी देना होगा।
- चुनौतियां: दोनों साझेदारों के बीच समान भागीदारी और लाभ का उचित बंटवारा सुनिश्चित करना ज़रूरी होगा।
- आगे की राह: मज़बूत संस्थागत संबंध और साफ नियम शोध सहयोग को लंबी साझेदारी में बदल सकते हैं।
अभ्यास प्रश्न: चर्चा कीजिए कि भारत-यूरोपीय संघ का विज्ञान और तकनीक सहयोग दोनों पक्षों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को कैसे मज़बूत कर सकता है।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
Q1. लेख के अनुसार हॉराइज़न यूरोप का आकार लगभग कितना है?
- 45 अरब यूरो
- 62 अरब यूरो
- 93.5 अरब यूरो
- 120 अरब यूरो
उत्तर देखें
उत्तर: C. लेख में हॉराइज़न यूरोप को 93.5 अरब यूरो का प्रमुख कार्यक्रम बताया गया है।
Q2. भारत और यूरोपीय संघ का वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग समझौता किस वर्ष हुआ था?
- 1999
- 2001
- 2005
- 2030
उत्तर देखें
उत्तर: B. लेख के अनुसार यह समझौता 2001 में हुआ था और 2030 तक नवीनीकृत किया गया है।
मुख्य शब्द
- हॉराइज़न यूरोप: यूरोपीय संघ का प्रमुख शोध और नवाचार कार्यक्रम, जिसके तहत फंडिंग दी जाती है।
- एसोसिएशन समझौता: ऐसा समझौता जिससे गैर-यूरोपीय संघ देश तय शर्तों पर किसी यूरोपीय कार्यक्रम में शामिल हो सके।
- बायोइकॉनमी: ऐसी अर्थव्यवस्था जो पौधों और सूक्ष्मजीवों जैसे जैविक संसाधनों से सामान और ऊर्जा बनाती है।
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ये बातें इस खबर की रिपोर्ट से ली गई हैं। परीक्षा से पहले NCERT किताबों और PIB जैसे मानक स्रोतों से ज़रूर मिलाएं।