केंद्र सरकार ने झारखंड के देवघर में राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) का एक्सटेंशन सेंटर बनाने के लिए 7.17 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी है।
यह जानकारी बीडब्ल्यू एजुकेशन की रिपोर्ट में दी गई है।
यह सेंटर NIELIT रांची के जरिए बनाया जाएगा।
इसका मकसद संथाल परगना क्षेत्र के छात्रों और बेरोजगार युवाओं तक तकनीकी और डिजिटल कौशल की ट्रेनिंग पहुंचाना है।
एक नज़र में
- केंद्र ने देवघर में NIELIT एक्सटेंशन सेंटर के लिए 7.17 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी है।
- सेंटर का काम NIELIT रांची करेगा और इसे तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है।
- कुल प्रोजेक्ट लागत करीब 7.15 करोड़ रुपये बताई गई है।
- मंत्रालय 5.52 करोड़ रुपये का अनुदान देगा, बाकी 1.63 करोड़ रुपये NIELIT अपनी आंतरिक आय से लगाएगा।
इस सेंटर में किस तरह की पढ़ाई होगी?
प्रस्तावित सेंटर में सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिकी, कंप्यूटर एप्लिकेशन और डिजिटल तकनीक की ट्रेनिंग दी जाएगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, इसका लाभ देवघर के अलावा आसपास के जिलों के युवाओं को भी मिल सकता है।
जो युवा तकनीकी शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट चाहते हैं, उन्हें यहां से पढ़ाई का मौका मिलेगा।
तो इसका असर स्थानीय लोगों पर कैसे पड़ेगा?
अभी कई छात्रों और नौकरी खोजने वालों को खास कोर्स के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। इस सेंटर के बनने से यह जरूरत कम हो सकती है।
डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों में स्थानीय स्तर पर पढ़ाई मिलने से परिवारों का खर्च भी घट सकता है।
हालांकि, यह बात रिपोर्ट में सीधे तौर पर नहीं कही गई है।
अब आगे क्या होगा?
रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को तीन साल के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी देखरेख NIELIT रांची करेगा।
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प्रोजेक्ट लागत का बड़ा हिस्सा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय उठाएगा।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सेंटर के लिए शुरुआती प्रक्रिया और समय सीमा की और जानकारी अभी सामने नहीं आई है।