हरियाणा में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों की भारी कमी है। स्वीकृत 226 पदों में से 47 पद खाली हैं।
IAS देश की सबसे बड़ी सिविल सेवाओं में से एक है। इसके अधिकारी जिलों, विभागों और सरकार के अहम कामों को संभालते हैं।
एक नज़र में
- हरियाणा में स्वीकृत 226 पदों के मुकाबले 179 IAS अधिकारी कार्यरत हैं।
- मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी समेत तीन वरिष्ठ अधिकारी अगले तीन महीने में रिटायर होंगे।
- राज्य ने केंद्र से केंद्र में प्रतिनियुक्त चार अधिकारियों को वापस भेजने का अनुरोध किया है।
- राज्य योग्य हरियाणा सिविल सेवा (HCS) अधिकारियों को IAS में पदोन्नत करने पर भी विचार कर सकता है।
इतनी कमी कितनी बड़ी है?
स्वीकृत पदों का 20 प्रतिशत से ज़्यादा हिस्सा खाली है। यानी लगभग हर पाँच में से एक पद पर कोई अधिकारी नहीं है।
हाल ही में स्वीकृत पद 215 से बढ़ाकर 226 किए गए हैं। इस बढ़ोतरी के बाद भी 47 पद खाली हैं।
नए ढांचे में 158 पद सीधी भर्ती के और 68 पद पदोन्नति कोटे के हैं। पदोन्नति कोटे से योग्य राज्य सेवा अधिकारी IAS में आ सकते हैं।
ग्राफिक: News Anek, इसी खबर के तथ्यों से
इसका रोज़मर्रा के काम पर असर कैसे पड़ रहा है?
कई वरिष्ठ अधिकारियों के पास एक साथ कई विभागों की ज़िम्मेदारी है। कुछ को अलग-अलग शहरों के अतिरिक्त काम भी देखने पड़ते हैं।
एक अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी ने कहा कि इस कमी से प्रशासनिक सचिव स्तर पर फैसले धीमे हो रहे हैं।
इससे शिकायतों, नियमित सरकारी कामों और विकास परियोजनाओं की निगरानी पर असर पड़ सकता है।
इससे पहले सितंबर 2025 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देरी से चल रही परियोजनाओं की समीक्षा का निर्देश दिया था।
विभागों से देरी की वजह, वित्तीय नुकसान और नई समय सीमा बताने को कहा गया था।
आगे राज्य में क्या होगा?
1990 बैच के तीन अधिकारी जल्द रिटायर हो रहे हैं।
इनमें मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल और वित्तीय आयुक्त राजस्व डॉ सुमिता मिश्रा शामिल हैं।
इन पदों के काम के लिए सरकार को नई व्यवस्था करनी होगी। राज्य ने केंद्र में प्रतिनियुक्त चार IAS अधिकारियों को वापस भेजने का भी अनुरोध किया है।
केंद्र का जवाब तय करेगा कि ये अधिकारी लौट पाएंगे या नहीं।
नियमों के मुताबिक, रिटायर होने वाले अधिकारियों का कार्यकाल बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।
समझिए
पहले क्या हुआ
- सितंबर 2025 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभागों में अटकी परियोजनाओं की समीक्षा का निर्देश दिया था।
- जून 2026 में अधिसूचित नए IAS कैडर ढांचे में हरियाणा के स्वीकृत पद 215 से बढ़ाकर 226 किए गए।
यह क्यों अहम है
अधिकारी कम होने से कई वरिष्ठ अधिकारियों पर कई विभागों का काम है, जिससे शिकायतों और विकास परियोजनाओं पर फैसले धीमे हो सकते हैं।
आगे क्या
- राज्य ने केंद्र से केंद्र में प्रतिनियुक्त चार IAS अधिकारियों को वापस भेजने का अनुरोध किया है, और केंद्र का जवाब अहम होगा।
- मुख्य सचिव समेत तीन 1990 बैच के अधिकारी अगले तीन महीने में रिटायर होंगे, इसलिए नई व्यवस्था करनी होगी।