दक्षिण गोवा का पालोलेम समुद्र तट एशिया का सर्वश्रेष्ठ समुद्र तट चुना गया है। यह दुनिया के शीर्ष 25 समुद्र तटों की सूची में छठे स्थान पर भी है।
गोवा के पर्यटन विभाग ने रविवार को यह जानकारी दी। यह रैंकिंग Beach.com के ग्लोबल बीच इंडेक्स 2026 से जुड़ी है।
इस शीर्ष 25 सूची में पालोलेम अकेला एशियाई समुद्र तट है। गोवा के लिए यह विश्व पर्यटन के नक्शे पर एक बड़ी पहचान है।
एक नज़र में
- दक्षिण गोवा का पालोलेम समुद्र तट एशिया में सबसे अच्छा माना गया है।
- 2026 की इस सूची में यह दुनिया के शीर्ष 25 समुद्र तटों में छठे स्थान पर है।
- वैश्विक सूची में पालोलेम अकेला एशियाई समुद्र तट है।
- राज्य सरकार भीड़ के बजाय ज़िम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देना चाहती है।
यह ग्लोबल बीच इंडेक्स क्या है?
यह Beach.com की एक रैंकिंग है। इसमें हर समुद्र तट को 18 मानक पैमानों पर परखा गया।
इन पैमानों में लोकप्रियता, लोगों की राय, पहुँच और जलवायु शामिल हैं। विशेषज्ञों के नामांकन और पर्यटकों की समीक्षाएँ भी इसमें गिनी गईं।
इसमें अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के पानी के रंग और साफ़ेपन के आँकड़े भी इस्तेमाल हुए। साफ़ पानी समुद्र तट की अच्छी स्थिति का एक संकेत है।
ग्राफिक: News Anek, इसी खबर के तथ्यों से
तो पालोलेम को यह सम्मान क्यों मिला?
पालोलेम कानाकोना तालुका में है, जो दक्षिण गोवा का एक उप-जिला है। यह अपनी अर्धचंद्राकार खाड़ी और सफ़ेद रेत के लिए जाना जाता है।

यहाँ नारियल के पेड़ हैं और पानी अपेक्षाकृत शांत रहता है। पर्यटक यहाँ तैराकी, कयाकिंग और डॉल्फिन दिखाने वाली नाव यात्रा कर सकते हैं।
पर्यटन विभाग के अनुसार समुद्र तट की गुणवत्ता, सुविधाओं, पानी की गुणवत्ता और कुल अनुभव को अंक मिले।
आसपास के तटीय गाँव, भोजनालय और वेलनेस सुविधाएँ भी पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।
राज्य आगे क्या योजना बना रहा है?
पर्यटन मंत्री रोहन ए खौंटे ने कहा कि यह सम्मान गोवा की प्राकृतिक सुंदरता को दिखाता है।
उन्होंने कहा कि राज्य ऐसा पर्यटन चाहता है जो पर्यावरण, स्थानीय समुदायों और संस्कृति की रक्षा करे।
पर्यटन निदेशक केदार नाईक ने कहा कि इस रैंकिंग से दक्षिण गोवा को नई पहचान मिलेगी।
इससे यात्री तट, अंदरूनी इलाकों और सांस्कृतिक स्थलों को देखने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।
राज्य पूरे साल चलने वाले पर्यटन स्थल के रूप में भी खुद को आगे बढ़ाना चाहता है।
इसके लिए अंदरूनी पर्यटन, विरासत पथ, वेलनेस, खान-पान, आध्यात्मिकता और प्रकृति आधारित यात्रा पर ध्यान दिया जा रहा है।