मध्य प्रदेश के सागर ज़िले में नक़ली शराब पीने से तेरह लोगों की मौत हो गई है। इन मौतों को हूच त्रासदी कहा जा रहा है, यानी अवैध शराब से हुई मौतें।
मौतों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। 96 लोग अब भी इलाज में हैं, और इनमें से सात की हालत गंभीर है।
पुलिस ने अब तक 30 आरोपियों में से 14 को गिरफ़्तार किया है। पाँच अधिकारियों को भी निलंबित किया गया है।
ग्राफिक: News Anek, इसी खबर के तथ्यों से
एक नज़र में
- सागर में मौतों की संख्या 13 हो गई है।
- 96 लोग इलाज में हैं, इनमें सात की हालत गंभीर है।
- 30 आरोपियों में से 14 गिरफ़्तार हुए हैं।
- मजिस्ट्रेट जाँच का आदेश दिया गया है।
मौतों की संख्या पर विवाद क्यों है?
कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने दावा किया है कि 50 लोगों की मौत हुई है। सरकार ने इस दावे से इनकार किया है।
अब तक रिपोर्ट हुई संख्या 13 है। दोनों पक्षों की बातों में बड़ा फ़र्क़ है।
अब जाँच में क्या देखा जा रहा है?
इस त्रासदी की मजिस्ट्रेट जाँच का आदेश दिया गया है। अधिकारी लालितपुर से जुड़े एक संभावित संबंध की भी जाँच कर रहे हैं।
मौतों से अवैध सप्लाई चेन, मेथनॉल की मिलावट और अधिकारियों की संभावित लापरवाही पर सवाल उठे हैं। मामला जाँच के अधीन है।
तो इसका असर लोगों पर क्या है?
यह घटना दिखाती है कि अवैध शराब परिवारों के लिए कितनी ख़तरनाक हो सकती है। साथ ही यह सवाल भी उठता है कि अधिकारियों ने समय पर कार्रवाई की या नहीं।