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NEC फंड में मेघालय को उत्तर-पूर्व परियोजनाओं का सबसे बड़ा हिस्सा

नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल ने उत्तर-पूर्व की परियोजनाओं के लिए 79.53 करोड़ रुपये जारी किए। मेघालय को सबसे ज़्यादा राशि मिली, जिससे 78 गांवों को जोड़ने वाली सड़क बनेगी।

Shillong during night 01
प्रतीकात्मक फोटो: Shillong during night 01. Photo: Ganesh Mohan T / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल (NEC) ने उत्तर-पूर्व की परियोजनाओं के लिए 79.53 करोड़ रुपये जारी किए।

इनमें से मेघालय को सबसे बड़ा हिस्सा, 26.56 करोड़ रुपये, मिला।

यह पैसा दो योजनाओं के तहत आया है। ये हैं स्कीम्स ऑफ NEC (SoNEC) और नॉर्थ ईस्ट स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम (NESIDS-Roads)।

मेघालय के हिस्से का ज़्यादातर पैसा ग्रामीण सड़कों पर खर्च होगा। तो आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब है?

एक नज़र में

  • NEC ने अक्टूबर 2026 में उत्तर-पूर्व की परियोजनाओं के लिए 79.53 करोड़ रुपये जारी किए।
  • आठ राज्यों में मेघालय को सबसे ज़्यादा, 26.56 करोड़ रुपये मिले।
  • 46.08 किलोमीटर की सड़क से 78 गांवों की पहुंच बेहतर होगी।
  • मुख्यमंत्री ने मावहाटी में तीन सड़कों का उद्घाटन किया, जिनकी लागत 9.60 करोड़ रुपये है।

मेघालय के गांवों की ज़िंदगी में क्या बदलेगा?

एक बड़ी परियोजना चोकपोट-खारुकोल सड़क के सुधार और मज़बूती की है। यह 46.08 किलोमीटर लंबी है।

इससे 78 गांवों की पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है। 15,000 से ज़्यादा लोगों को इसका फायदा मिलने की संभावना है।

NEC ने शिलॉन्ग में एक बहु-विषयक प्रशिक्षण-सह-संसाधन केंद्र बनाने में भी मदद दी है।

बाकी राज्यों की तुलना में मेघालय कहां है?

सिक्किम को 15.51 करोड़ रुपये और असम को 14.79 करोड़ रुपये मिले। अरुणाचल प्रदेश को 11.18 करोड़ रुपये मिले।

नागालैंड को 7.99 करोड़ रुपये और त्रिपुरा को 3.50 करोड़ रुपये मिले। मणिपुर और मिज़ोरम को भी बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों के लिए राशि दी गई।

NEC फंड: राज्यों को मिला हिस्सा
मेघालय26.56
सिक्किम15.51
असम14.79
अरुणाचल प्रदेश11.18
नागालैंड7.99
त्रिपुरा3.50

करोड़ रुपये

ग्राफिक: News Anek, इसी खबर के तथ्यों से

मुख्यमंत्री ने मावहाटी में क्या घोषणाएं कीं?

मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा 8 नवंबर 2026 को री-भोई ज़िले के मावहाटी पहुंचे।

पांच दशकों से ज़्यादा में किसी राज्य के मुख्यमंत्री का यहां पहला दौरा था।

उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-III) की तीन सड़कों का उद्घाटन किया। इनकी कुल स्वीकृत लागत 9.60 करोड़ रुपये है।

उन्होंने मावहाटी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नियमित चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति जल्द करने पर ज़ोर दिया। यह केंद्र 42 गांवों को सेवा देता है।

उन्होंने 120 स्वयं सहायता समूहों में 2 करोड़ रुपये बांटे। रिपोर्ट में सड़कों की समय सीमा और डॉक्टर की नियुक्ति की तारीख नहीं बताई गई है।

तो आगे क्या होगा?

अगले कदमों में तीनों सड़क परियोजनाओं को आगे बढ़ाना और चिकित्सा अधिकारी का पद भरना शामिल है।

स्वयं सहायता समूहों के लिए घोषित सहायता भी लागू की जाएगी।

समझिए

पहले क्या हुआ

  • मावहाटी इलाके में किसी राज्य के मुख्यमंत्री पांच दशकों से ज़्यादा समय तक नहीं पहुंचे थे, यह दौरा उसी के बाद हुआ।
  • NEC ने अक्टूबर 2026 में उत्तर-पूर्व के अन्य राज्यों की पूरी और चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की।

यह क्यों अहम है

गांव की सड़कें और स्वास्थ्य सेवाएं तय करती हैं कि लोग स्कूल, बाज़ार और सरकारी दफ्तर कितनी आसानी से पहुंच पाते हैं। नई परियोजनाओं का मकसद यही पहुंच बेहतर करना है।

आगे क्या

  • पीएमजीएसवाई-III की तीन स्वीकृत सड़क परियोजनाएं आगे बढ़ाई जाएंगी, लेकिन समय सीमा नहीं बताई गई है।
  • मावहाटी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नियमित चिकित्सा अधिकारी की ज़रूरत पर काम किया जाएगा।

स्रोत

देशमेघालयसमझिए

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