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त्रिपुरा सुंदरी मंदिर दिवाली उत्सव के लिए रेलवे की दो विशेष ट्रेनें

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने उदयपुर के त्रिपुरा सुंदरी मंदिर जाने वालों के लिए दो विशेष ट्रेन सेवाएं शुरू की हैं। तीन दिन का दिवाली उत्सव रविवार शाम के उद्घाटन से शुरू होगा। अधिकारियों के मुताबिक सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।

Tripura Sundari Temple in Udaipur, Tripura 2018-03-25 -1
प्रतीकात्मक फोटो: Tripura Sundari Temple in Udaipur, Tripura 2018-03-25 -1. Photo: Yash raina / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

त्रिपुरा के उदयपुर स्थित माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में दिवाली उत्सव के लिए हज़ारों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं।

मंदिर में देश भर से 10 लाख से ज़्यादा लोगों के आने की उम्मीद है। 10 लाख का मतलब है दस लाख लोग।

इस सफ़र को आसान बनाने के लिए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने दो विशेष ट्रेन सेवाएं शुरू की हैं। एक ट्रेन अगरतला से सबरूम और वापस चलेगी।

दूसरी ट्रेन अगरतला से धर्मनगर और वापस चलेगी।

एक नज़र में

  • तीन दिन के दिवाली उत्सव में 10 लाख से ज़्यादा लोगों के आने की उम्मीद है।
  • पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने दो विशेष ट्रेन सेवाएं शुरू की हैं।
  • रूट अगरतला से सबरूम और अगरतला से धर्मनगर हैं, दोनों तरफ़ से वापसी के साथ।
  • मुख्यमंत्री माणिक साहा रविवार शाम उत्सव का उद्घाटन करेंगे।

इतने लोग इस उत्सव में क्यों आते हैं?

यह मंदिर लगभग 525 साल पुराना है। यह उदयपुर में है, जो अगरतला से लगभग 64 किलोमीटर दक्षिण में है।

Tripura Sundari Temple in Udaipur, Tripura 2018-03-25 -2
प्रतीकात्मक फोटो: Tripura Sundari Temple in Udaipur, Tripura 2018-03-25 -2। फोटो: Yash raina / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0
त्रिपुरा सुंदरी मंदिर: मुख्य आंकड़े
10 लाख+देश भर से आने की उम्मीद
525 सालमंदिर की लगभग आयु
54 करोड़+ रुपयेपुनर्विकास पर कुल खर्च

ग्राफिक: News Anek, इसी खबर के तथ्यों से

यह 51 शक्ति पीठों में से एक माना जाता है, जो देवी शक्ति से जुड़े पवित्र स्थल हैं।

इस मंदिर को महाराजा धन्य माणिक्य ने 1501 में बनवाया था।

स्थानीय विधायक अभिषेक देबरॉय के मुताबिक यह उत्तर-पूर्व के सबसे बड़े दिवाली उत्सवों में से एक है।

उन्हें इस बार महिला श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या की उम्मीद है।

इस बार उत्सव में क्या नया है?

उद्घाटन की शाम को ड्रोन शो मुख्य आकर्षण होगा। मंदिर परिसर में सरकारी प्रदर्शनी स्टॉल भी लगेंगे।

इनमें त्रिपुरा की विरासत, संस्कृति और स्थानीय खान-पान दिखाया जाएगा।

कछुए पर बने मंदिर की रेत की कलाकृति भी एक बड़ा आकर्षण है। यह मंदिर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को दिखाती है।

मंदिर के पुनर्विकास पर 54 करोड़ रुपये से ज़्यादा खर्च हुए। केंद्र सरकार ने 34.43 करोड़ रुपये और राज्य सरकार ने 17.61 करोड़ रुपये दिए।

श्रद्धालुओं के लिए आगे क्या होगा?

तीन दिन के उत्सव का उद्घाटन रविवार शाम मुख्यमंत्री माणिक साहा करेंगे।

ज़िला मजिस्ट्रेट रिंकू लाथर ने पुष्टि की है कि सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।

त्रिपुरा के परिवहन मंत्री सुशांत चौधरी ने ट्रेन सेवाओं का स्वागत किया। उनके मुताबिक इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को काफ़ी फ़ायदा होगा।

समझिए

पहले क्या हुआ

  • महाराजा धन्य माणिक्य ने 1501 में माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर बनवाया था।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 सितंबर 2025 को नवनिर्मित मंदिर का उद्घाटन किया।
  • इस पुनर्विकास पर केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की PRASHAD योजना के तहत 54 करोड़ रुपये से ज़्यादा खर्च हुए।

यह क्यों अहम है

यह उत्तर-पूर्व के सबसे बड़े दिवाली उत्सवों में से एक है, और विशेष ट्रेनें लोगों का सफ़र आसान और सुरक्षित बनाने के लिए हैं।

आगे क्या

  • तीन दिन का उत्सव रविवार शाम मुख्यमंत्री के उद्घाटन से शुरू होगा।
  • उद्घाटन की शाम को ड्रोन शो होने वाला है।

स्रोत

देशत्रिपुरासमझिए

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