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मिज़ोरम की स्वास्थ्य योजना को एडीबी के 108 मिलियन डॉलर कर्ज़ की पहली किस्त

कर्ज़ की पहली किस्त 5 नवंबर को राज्य के खाते में पहुँची। इसका ज़्यादातर हिस्सा अनुदान है, और थोड़ा हिस्सा ऐसा कर्ज़ है जिसे राज्य को लौटाना होगा। यह पैसा एक फंड में जाएगा जो योजना को आर्थिक रूप से मज़बूत रखेगा।

Aizawl at night
प्रतीकात्मक फोटो: Aizawl at night. Photo: Blitziko / Wikimedia Commons, CC BY 4.0

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने मिज़ोरम के लिए 108 मिलियन डॉलर के कर्ज़ की पहली किस्त जारी की है।

राज्य को कुल मिलाकर लगभग 205.49 करोड़ रुपये मिले हैं।

एडीबी एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्था है, जो एशिया में विकास परियोजनाओं को पैसा देती है।

यह पैसा मिज़ोरम यूनिवर्सल हेल्थ केयर स्कीम (MUHCS) को सहारा देगा।

राज्य सरकार ने यह योजना 2023 में मंज़ूर की थी। इसमें मौजूदा स्वास्थ्य बीमा योजनाओं को एक व्यवस्था के तहत लाया गया है।

एक नज़र में

  • एडीबी ने 29 अक्टूबर को 21.6 मिलियन डॉलर जारी किए, जब मिज़ोरम ने दो तय लक्ष्य पूरे किए।
  • केंद्र ने 5 नवंबर को राज्य को 205.49 करोड़ रुपये भेजे।
  • 90 प्रतिशत हिस्सा अनुदान है और 10 प्रतिशत कर्ज़ है।
  • पूरी रकम हेल्थकेयर कॉर्पस फंड में जाएगी।

राज्य को यह पैसा कैसे मिला?

एडीबी ने 29 अक्टूबर को 21.6 मिलियन डॉलर केंद्रीय वित्त मंत्रालय को जारी किए।

ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मिज़ोरम ने दो डिसबर्समेंट लिंक्ड इंडिकेटर (DLI) पूरे किए।

DLI वे लक्ष्य हैं जिन्हें पूरा करने पर ही राज्य को अगली किस्त मिलती है।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने 5 नवंबर को यह रकम राज्य के खाते में भेजी। इसका 90 प्रतिशत अनुदान है। बाकी 10 प्रतिशत एक सॉफ्ट लोन है, जिसे राज्य केंद्र को लौटाएगा।

एडीबी कर्ज़: मिज़ोरम को मिली पहली किस्त
108 मिलियन डॉलरएडीबी का कुल कर्ज़
205.49 करोड़ रुपयेराज्य को कुल मिले
90%अनुदान का हिस्सा
5 लाख रुपयेकैशलेस इलाज की सीमा

ग्राफिक: News Anek, इसी खबर के तथ्यों से

यह पैसा कहाँ जाएगा?

पूरी रकम हेल्थकेयर कॉर्पस फंड में जाएगी। कॉर्पस फंड एक तरह का रिज़र्व होता है, जिससे योजना लंबे समय तक चलाई जाती है।

राज्य के वित्त विभाग ने कहा है कि इससे योजना की आर्थिक स्थिति मज़बूत होगी।

इस योजना में पात्र लोगों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है।

यह सरकारी अस्पतालों और सूचीबद्ध निजी व चर्च द्वारा चलाए जाने वाले अस्पतालों में मिलता है, राज्य के अंदर और बाहर दोनों।

यह मार्च 2025 में शुरू हुई और अगले महीने से चालू हो गई।

इसके बाद राज्य के सामने क्या है?

मिज़ोरम का लक्ष्य इस वित्त वर्ष में कम से कम तीन और DLI पूरे करना है।

राज्य इस योजना के तहत लगभग 130 करोड़ रुपये निकालकर उपयोग करने की योजना भी बना रहा है।

इस विषय पर इस महीने की शुरुआत में चंडीगढ़ में त्रिपक्षीय समीक्षा बैठक में चर्चा हुई।

इसमें राज्य के वित्त विभाग, आर्थिक मामलों के विभाग और एडीबी के अधिकारी शामिल थे।

समझिए

पहले क्या हुआ

  • राज्य सरकार ने 2023 में मिज़ोरम यूनिवर्सल हेल्थ केयर स्कीम को मंज़ूरी दी, जो मौजूदा बीमा योजनाओं को एक ढांचे में लाती है।
  • यह परियोजना पहली बार 2022 में एमएनएफ सरकार के समय प्रस्तावित हुई थी, और बाद में ज़ेडपीएम सरकार ने इसे फिर शुरू किया।
  • एडीबी ने 5 दिसंबर 2025 को 108 मिलियन डॉलर के कर्ज़ को मंज़ूरी दी, और कर्ज़ समझौते पर 23 जनवरी 2026 को हस्ताक्षर हुए।

यह क्यों अहम है

इस पैसे से राज्य की स्वास्थ्य योजना की आर्थिक नींव मज़बूत होगी। इसका मकसद लोगों तक सस्ती स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना है।

आगे क्या

  • राज्य का लक्ष्य इस वित्त वर्ष में कम से कम तीन और डिसबर्समेंट लिंक्ड इंडिकेटर पूरे करना और इस योजना के तहत लगभग 130 करोड़ रुपये का उपयोग करना है।

स्रोत

🕒 अब तक की कहानी

  1. मिज़ोरम की स्वास्थ्य योजना को एडीबी के 108 मिलियन डॉलर कर्ज़ की पहली किस्त
  2. मिज़ोरम की स्वास्थ्य योजना के लिए एडीबी ने 108 मिलियन डॉलर के कर्ज़ का पहला हिस्सा जारी किया

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