यहां पूरी योजना एक जगह है: क्या मिलता है, कौन पात्र है, आवेदन कैसे करें, और क्या जांचें।
| योजना | अन्नदाता सुखीभव, पीएम किसान के साथ जुड़ी |
|---|---|
| विभाग | कृषि विभाग, आंध्र प्रदेश सरकार |
| फायदा | साल के 20,000 रुपये: 7,000, 7,000 और 6,000 रुपये की तीन किस्तों में |
| कौन आवेदन कर सकता है | आंध्र प्रदेश के स्थायी निवासी जिनके पास राज्य में खेती की ज़मीन है, और पात्र काश्तकार या आदिवासी किसान |
| पैसा कैसे मिलता है | आधार-NPCI से जुड़े बैंक खाते में सीधे (DBT) |
| कहां आवेदन करें | ग्राम सचिवालय या रायथु सेवा केंद्र (RSK), और सुखीभव पोर्टल पर |
| आवेदन शुल्क | मुफ्त |
एक नज़र में
- खरीफ और रबी मौसम से जुड़ी तीन किस्तों में साल के 20,000 रुपये।
- एक परिवार से सिर्फ एक सदस्य को मदद मिलती है, यानी पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे।
- ज़मीन राज्य के रिकॉर्ड में आपके नाम होनी चाहिए, और ई-क्रॉप रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है।
- पैसा आने के लिए आधार से जुड़ा बैंक खाता और बायोमेट्रिक ई-केवाईसी ज़रूरी है।
तो किसान को असल में क्या मिलता है?
पात्र किसानों को साल में कुल 20,000 रुपये मिलते हैं। यह राज्य और केंद्र का मिला-जुला पैकेज है।
पहली किस्त 7,000 रुपये 20 जून 2026 को जारी हुई। इसमें राज्य से 5,000 रुपये और पीएम किसान से 2,000 रुपये थे।
दूसरी किस्त 7,000 रुपये अक्टूबर 2026 में आने की उम्मीद है, रबी मौसम के दौरान।
तीसरी किस्त 6,000 रुपये फरवरी 2027 में आने की उम्मीद है। इसमें राज्य से 4,000 रुपये और पीएम किसान से 2,000 रुपये हैं।
पैसा सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में जाता है। रकम और तारीखें बदल सकती हैं, इसलिए आधिकारिक साइट पर ज़रूर पुष्टि करें।
कौन आवेदन कर सकता है, और कौन नहीं?
आप आंध्र प्रदेश के स्थायी निवासी होने चाहिए। आपकी खेती की ज़मीन राज्य के भीतर होनी चाहिए।
पांच एकड़ से कम ज़मीन वाले छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाती है।
CCRC कार्ड वाले काश्तकार और आदिवासी किसान आवेदन कर सकते हैं, अगर सरकार ने उन्हें ज़मीन इस्तेमाल का अधिकार दिया है।
एक परिवार से सिर्फ एक सदस्य को मदद मिलती है। परिवार का मतलब है पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे।
मौजूदा और रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी बाहर हैं। 10,000 रुपये महीना से ज़्यादा पेंशन पाने वाले भी बाहर हैं। क्लास IV और मल्टी-टास्किंग स्टाफ इसमें छूट पाते हैं।
संवैधानिक पदों पर बैठे लोग, और मौजूदा या पूर्व सांसद, विधायक और मेयर भी बाहर हैं।
इस योजना की पृष्ठभूमि क्या है?
अन्नदाता सुखीभव आंध्र प्रदेश के कृषि विभाग की राज्य योजना है।
यह केंद्र की पीएम किसान योजना के साथ चलती है। केंद्र के हर 2,000 रुपये की किस्त के ऊपर राज्य अपना पैसा जोड़ता है।
इस नई योजना का मकसद किसानों को बीज, खाद और खेती के खर्च में मदद देना है।
कौन से कागज़ तैयार रखें?
ज़मीन का सबूत तैयार रखें। यह पट्टादार पासबुक या अधिकार अभिलेख, यानी 1B, हो सकता है।
बैंक पासबुक रखें। खाता आधार से जुड़ा होना चाहिए और आधार पेमेंट ब्रिज सिस्टम के लिए चालू होना चाहिए।
आधार से जुड़ा सक्रिय मोबाइल नंबर रखें।
आवेदन कैसे करें?
नए आवेदन के लिए अपने ग्राम सचिवालय या रायथु सेवा केंद्र, यानी RSK, पर जाएं।
ज़मीन और बैंक के कागज़ात और आधार की जानकारी दें। अधिकारी आपका आवेदन दर्ज करेगा।
पक्का करें कि आपकी फसल की जानकारी राज्य की ई-क्रॉप व्यवस्था में दर्ज हो, क्योंकि यह ज़रूरी है।
स्टेटस कैसे देखें, और पैसा अटके तो क्या करें?
annadathasukhibhava.ap.gov.in खोलें और Know Your Status पर क्लिक करें।
अपना 12 अंकों का आधार नंबर डालें। पेज पर आपकी प्रोफाइल, ई-क्रॉप स्टेटस, ई-केवाईसी स्टेटस और बैंक मैपिंग दिखेगी।
अगर Payment Pending, Ineligible या Hold दिखे, तो सबसे आम हल बायोमेट्रिक ई-केवाईसी है। इसे पूरा करने के लिए नजदीकी रायथु सेवा केंद्र जाएं।
पैसे की समस्या के लिए आप हेल्पलाइन 155251 पर भी फोन कर सकते हैं।
किस बात से सावधान रहें?
रजिस्ट्रेशन कराने या पेमेंट जल्दी दिलाने के लिए किसी को पैसे न दें। रजिस्ट्रेशन और जांच मुफ्त है।
सिर्फ आधिकारिक पोर्टल और हेल्पलाइन का इस्तेमाल करें। आधार या बैंक OTP मांगने वाले एजेंटों से बचें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पति और पत्नी दोनों को पैसा मिल सकता है?
नहीं। एक परिवार से सिर्फ एक सदस्य, यानी पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे, इसके पात्र हैं।
क्या ज़मीन के आकार की कोई सीमा है?
पांच एकड़ से कम ज़मीन वाले छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाती है। नवीनतम नियम आधिकारिक साइट पर देखें।
क्या आवेदन का कोई शुल्क है?
नहीं। ग्राम सचिवालय या RSK के ज़रिए आवेदन मुफ्त है।
हेल्पलाइन नंबर क्या है?
पेमेंट और पोर्टल की समस्या के लिए 155251 पर कॉल करें।
आधिकारिक लिंक
यह गाइड योजना के आधिकारिक नियमों पर आधारित है। नियम और रकम बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर ज़रूर जांचें। News Anek सरकारी वेबसाइट नहीं है।