यहां पूरी योजना एक जगह है: क्या मिलता है, कौन पात्र है, आवेदन कैसे करें, और क्या जांचें।
| योजना | प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना (पहले इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना) |
|---|---|
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार |
| फायदा | दिव्यांगों को 375 रुपये महीना, 80 वर्ष और उससे ज़्यादा उम्र वालों को 625 रुपये महीना |
| कौन आवेदन कर सकता है | कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांगता वाले और गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोग |
| पैसा कैसे मिलता है | लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे |
| कहां आवेदन करें | nsap.nic.in, जिला या ब्लॉक समाज कल्याण कार्यालय, या ग्राम पंचायत |
| आवेदन शुल्क | मुफ्त |
एक नज़र में
- पेंशन अब 375 रुपये महीना है, और 80 वर्ष और उससे ज़्यादा उम्र वालों के लिए 625 रुपये महीना।
- दिव्यांगता की न्यूनतम सीमा 80 प्रतिशत से घटकर 40 प्रतिशत हो गई है।
- अब कोई न्यूनतम उम्र की सीमा नहीं है।
- सिर्फ गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोग आवेदन कर सकते हैं।
तो दिव्यांग व्यक्ति को असल में क्या मिलता है?
केंद्र ने दिव्यांगों के लिए मासिक पेंशन में बदलाव किया है।
18 से 79 वर्ष के लाभार्थियों को अब हर महीने 375 रुपये मिलते हैं। पहले यह 300 रुपये था।
80 वर्ष और उससे ज़्यादा उम्र वालों को अब हर महीने 625 रुपये मिलते हैं। पहले यह 500 रुपये था।
पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जाता है। बीच में कोई बिचौलिया नहीं होता।
रकम बदल सकती है, इसलिए मौजूदा आंकड़े की पुष्टि nsap.nic.in पर ज़रूर करें।
कौन आवेदन कर सकता है, और कौन नहीं?
मुख्य नियम यह है कि व्यक्ति की दिव्यांगता कम से कम 40 प्रतिशत हो। पहले यह सीमा 80 प्रतिशत थी।
व्यक्ति का परिवार गरीबी रेखा से नीचे होना चाहिए। यह योजना सिर्फ गरीब परिवारों के लिए है।
अब उम्र की कोई न्यूनतम सीमा नहीं है। पहले आवेदक की उम्र 18 वर्ष या उससे ज़्यादा होनी चाहिए थी।
जो लोग गरीबी रेखा से नीचे नहीं हैं, वे इस योजना के तहत पात्र नहीं हैं।
योजना क्यों बदली, और यह कब शुरू हुई?
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम 15 अगस्त 1995 को शुरू हुआ था।
दिव्यांग पेंशन 2009 में इंदिरा गांधी के नाम से जोड़ी गई थी।
कैबिनेट ने नए नियमों और नाम बदलने को मंज़ूरी दी है। यह योजना 2030-31 तक चलेगी।
ये बदलाव दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के अनुसार हैं, जिसमें 40 प्रतिशत की सीमा तय की गई है।
कौन से कागज़ तैयार रखें?
दिव्यांगता प्रमाण पत्र तैयार रखें, जिसमें कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांगता लिखी हो।
आधार कार्ड और आधार से जुड़ा बैंक खाता तैयार रखें।
परिवार गरीबी रेखा से नीचे है, इसका प्रमाण और पते का प्रमाण रखें।
पासपोर्ट साइज़ फोटो और एक मोबाइल नंबर भी साथ रखें।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें, एक-एक कदम?
nsap.nic.in पर जाएं और दिव्यांगों के लिए पेंशन आवेदन का विकल्प खोजें।
अपनी निजी जानकारी, दिव्यांगता की जानकारी और बैंक की जानकारी भरें।
दस्तावेज़ अपलोड करें और फॉर्म जमा करें। मिलने वाला आवेदन नंबर नोट कर लें।
उसी पोर्टल पर आवेदन नंबर से प्रगति देखें।
ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं क्या, और पेमेंट कैसे जांचें?
हां, आप जिला या ब्लॉक समाज कल्याण कार्यालय में, या ग्राम पंचायत के ज़रिए आवेदन कर सकते हैं।
अधिकारी कागज़ों की जांच करते हैं और मंज़ूरी के लिए केस आगे भेजते हैं।
स्थिति देखने के लिए nsap.nic.in पर आवेदन नंबर डालें, या स्थानीय कार्यालय से पूछें।
अगर पेंशन रुकी है, तो स्थानीय कार्यालय में मिलें और लिखित में कारण पूछें।
ज़रूरी सुझाव और चेतावनी
पेंशन मंज़ूर कराने के लिए किसी एजेंट या व्यक्ति को पैसे न दें। आवेदन मुफ्त है।
बैंक खाता आधार से जुड़ा होना चाहिए, वरना भुगतान में देरी हो सकती है।
मदद के लिए स्थानीय समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क करें, या हेल्पलाइन की जानकारी nsap.nic.in पर देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या अब उम्र की कोई सीमा है?
नहीं। नए नियमों में 18 वर्ष की न्यूनतम उम्र की सीमा हटा दी गई है।
मुझे कितनी पेंशन मिलेगी?
79 वर्ष तक की उम्र में 375 रुपये महीना, और 80 वर्ष और उससे ज़्यादा उम्र में 625 रुपये महीना। मौजूदा आंकड़ा nsap.nic.in पर देखें।
क्या आवेदन मुफ्त है?
हां। आवेदन या मंज़ूरी के लिए किसी को पैसे न दें।
क्या 40 प्रतिशत दिव्यांगता पर मैं आवेदन कर सकता हूं?
हां। सीमा अब 40 प्रतिशत है, जो पहले 80 प्रतिशत थी।
पैसा कहां भेजा जाता है?
पेंशन सीधे आपके बैंक खाते में आती है।
आधिकारिक लिंक
यह गाइड योजना के आधिकारिक नियमों पर आधारित है। नियम और रकम बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर ज़रूर जांचें। News Anek सरकारी वेबसाइट नहीं है।