यहां पूरी योजना एक जगह है: क्या मिलता है, कौन पात्र है, आवेदन कैसे करें, और क्या जांचें।
| योजना | इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, अब प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना |
|---|---|
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार |
| फायदा | 60 से 79 साल के लिए पुरानी दरों पर 300 रुपये महीना, 80 साल और उससे ऊपर के लिए 500 रुपये महीना |
| कौन आवेदन कर सकता है | 60 साल और उससे ऊपर के गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले नागरिक |
| पैसा कैसे मिलता है | लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे |
| कहां आवेदन करें | nsap.nic.in, ग्राम पंचायत, शहरी स्थानीय निकाय या जिला समाज कल्याण कार्यालय |
| आवेदन शुल्क | मुफ्त |
एक नज़र में
- पेंशन 60 साल और उससे ऊपर के गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले नागरिकों के लिए है।
- योजना का नाम अब प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना है।
- 80 साल और उससे ऊपर वालों को ज़्यादा रकम मिलती है।
- पेंशन शुरू होने से पहले स्थानीय सरकार आवेदन की जांच करती है।
तो एक बुज़ुर्ग को असल में क्या मिलता है?
पुरानी दरों के हिसाब से 60 से 79 साल के लाभार्थी को हर महीने 300 रुपये मिलते हैं। इसमें से 200 रुपये केंद्र देता है और 100 रुपये राज्य।
80 साल और उससे ऊपर वालों को हर महीने 500 रुपये मिलते हैं।
कुछ राज्य केंद्र की रकम के ऊपर अपनी तरफ से और रकम जोड़ते हैं, इसलिए कुछ जगह कुल रकम ज़्यादा हो सकती है।
सरकार ने कुछ श्रेणियों की रकम में हाल में बदलाव की घोषणा की है। रकम बदल सकती है, इसलिए मौजूदा आंकड़ा nsap.nic.in पर ज़रूर देखें।
कौन आवेदन कर सकता है, और कौन नहीं?
मुख्य नियम उम्र का है। आपकी उम्र 60 साल या उससे ज़्यादा होनी चाहिए।
आपका परिवार गरीबी रेखा से नीचे होना चाहिए, जैसा कि घरेलू रिकॉर्ड में दर्ज हो।
केवल भारत के नागरिक पात्र हैं।
जो लोग किसी दूसरी सरकारी बुज़ुर्ग पेंशन योजना से पहले से पैसा ले रहे हैं, वे शायद दूसरी पेंशन के पात्र नहीं होंगे।
योजना के नाम में क्या बदलाव हुआ है?
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना कर दिया गया है।
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नाम प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना किया गया है।
बुज़ुर्ग पेंशन के नियम मौजूदा रूप में जारी हैं, इसलिए आप किसी भी नाम से आवेदन कर सकते हैं।
इस पेंशन की शुरुआत क्यों हुई?
NSAP की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को हुई थी।
यह संविधान के अनुच्छेद 41 पर आधारित है, जो राज्य से बुज़ुर्गावस्था और ज़रूरत के समय नागरिकों की मदद करने को कहता है।
केंद्र अपना पूरा हिस्सा देता है, और पैसा सीधे बैंक खातों में जाता है।
यह योजना अब 2030-31 तक की नई पांच साल की मंज़ूरी के साथ चल रही है।
कौन से कागज़ तैयार रखें?
आधार कार्ड और उम्र का प्रमाण रखें, जैसे जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल का प्रमाण पत्र।
BPL कार्ड या परिवार के गरीबी रेखा से नीचे होने का कोई और प्रमाण रखें।
अपने नाम का बैंक खाता या पासबुक रखें, जो हो सके तो आधार से जुड़ा हो।
पासपोर्ट साइज़ फोटो और एक मोबाइल नंबर भी रखें।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
nsap.nic.in पर जाएं और बुज़ुर्ग पेंशन योजना के तहत आवेदन का विकल्प खोजें।
अपना नाम, उम्र, आधार नंबर, पता और बैंक की जानकारी भरें।
अगर पोर्टल मांगे तो दस्तावेज़ अपलोड करें, फिर फॉर्म जमा करें।
मिला हुआ आवेदन नंबर लिख लें।
ऑफलाइन आवेदन कैसे करें?
आप अपनी ग्राम पंचायत, शहरी स्थानीय निकाय या जिला समाज कल्याण कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
वृद्धावस्था पेंशन का आवेदन फॉर्म मांगें और दस्तावेज़ों के साथ जमा करें।
मंज़ूरी से पहले कर्मचारी आपकी जानकारी की जांच कर सकते हैं।
स्टेटस कैसे देखें, और पेंशन रुक जाए तो क्या करें?
NSAP पोर्टल पर आवेदन नंबर डालकर अपने आवेदन का स्टेटस देखें।
अगर पेंशन नहीं आ रही, तो जांचें कि बैंक खाता चालू है और आधार से जुड़ा है।
आप अपनी ग्राम पंचायत, ब्लॉक कार्यालय या जिला समाज कल्याण कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं।
पेंशन मंज़ूर कराने के लिए किसी एजेंट या बिचौलिये को पैसा न दें। ऐसी मांग धोखाधड़ी है।
कोई हेल्पलाइन या ज़रूरी सलाह है?
फॉर्म भरने में मदद के लिए अपने ग्राम पंचायत या शहरी निकाय कार्यालय से संपर्क करें।
सभी दस्तावेज़ों की कॉपी और आवेदन नंबर सुरक्षित रखें।
किसी भी जानकारी पर भरोसा करने से पहले उसे आधिकारिक पोर्टल nsap.nic.in पर जांच लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पति और पत्नी दोनों पेंशन ले सकते हैं?
हां, 60 साल या उससे ऊपर का हर व्यक्ति नियम पूरे करने पर अलग से आवेदन कर सकता है। हर आवेदन अलग से जांचा जाता है।
आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
यह पेंशन आम तौर पर पूरे साल खुली रहती है। मौजूदा प्रक्रिया की पुष्टि nsap.nic.in पर या अपने स्थानीय कार्यालय से करें।
क्या हर राज्य में पेंशन एक जैसी है?
केंद्र एक बेस रकम देता है। कुछ राज्य अतिरिक्त रकम जोड़ते हैं, इसलिए कुल रकम राज्य से राज्य में अलग हो सकती है।
क्या आवेदन के लिए कोई शुल्क लगता है?
नहीं, पेंशन के लिए आवेदन मुफ्त है। पैसे मांगने वाले एजेंट को पैसा न दें।
क्या योजना का नया नाम है?
हां, अब इसे प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना कहा जाता है। कई रिकॉर्ड में पुराना नाम अब भी दिखता है।
आधिकारिक लिंक
यह गाइड योजना के आधिकारिक नियमों पर आधारित है। नियम और रकम बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर ज़रूर जांचें। News Anek सरकारी वेबसाइट नहीं है।