यहां पूरी योजना एक जगह है: क्या मिलता है, कौन पात्र है, आवेदन कैसे करें, और क्या जांचें।
| योजना | प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना (पहले इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना) |
|---|---|
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार |
| फायदा | हर महीने पेंशन, पहले 300 रुपये, NSAP के तहत |
| कौन आवेदन कर सकता है | गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली 40 साल या उससे ज़्यादा उम्र की विधवाएं |
| पैसा कैसे मिलता है | लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे |
| कहां आवेदन करें | nsap.nic.in, या ग्राम पंचायत, ब्लॉक या शहरी निकाय कार्यालय |
| आवेदन शुल्क | मुफ्त |
एक नज़र में
- केंद्र की योजना में विधवा पेंशन 300 रुपये महीना है, जैसा आखिरी बार संशोधित हुआ।
- सिर्फ गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली विधवाएं आवेदन कर सकती हैं।
- हाल के कैबिनेट फैसले में योजना का नाम बदला, पर विधवा पेंशन अपने मौजूदा रूप में जारी है।
- आवेदन के लिए अपनी पंचायत, ब्लॉक या शहरी निकाय कार्यालय से संपर्क करें।
तो एक विधवा को असल में क्या मिलता है?
केंद्र सरकार पात्र विधवाओं को हर महीने पेंशन देती है।
अक्टूबर 2012 से यह रकम बढ़ाकर 300 रुपये महीना की गई थी, और यह हर महीने मिलती है।
पैसा लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे जाता है। बीच में कोई बिचौलिया नहीं होता।
रकम बदल सकती है, इसलिए मौजूदा आंकड़ा nsap.nic.in पर ज़रूर देख लें।
कौन आवेदन कर सकता है, और कौन नहीं?
विधवा गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली होनी चाहिए।
उसकी उम्र 40 साल या उससे ज़्यादा होनी चाहिए। 2012 में ऊपरी उम्र सीमा 79 साल तय की गई।
जो विधवाएं किसी दूसरी केंद्रीय या राज्य योजना से पहले ही पेंशन ले रही हैं, वे आम तौर पर पात्र नहीं हैं।
आवेदन से पहले आधिकारिक साइट पर नए दिशानिर्देश ज़रूर देखें, क्योंकि नियम बदल सकते हैं।
योजना के नाम में क्या बदला है?
केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को 2030-31 तक जारी रखने को मंज़ूरी दी।
नाम बदलने के तहत विधवा पेंशन अब प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना कहलाती है।
सरकार ने कहा है कि बुज़ुर्गों और विधवाओं की पेंशन योजनाएं अपने मौजूदा रूप में जारी रहेंगी।
इसलिए नए नाम से आपका आवेदन या पेंशन नहीं बदलती।
कौन से कागज़ तैयार रखें?
आधार कार्ड और आधार से जुड़ा बैंक खाता या पासबुक तैयार रखें।
पति की मृत्यु का सबूत रखें, जैसे मृत्यु प्रमाण पत्र।
गरीबी की स्थिति का कागज़ रखें, जैसे BPL कार्ड या आय का प्रमाण।
हाल की पासपोर्ट साइज़ फोटो और एक मोबाइल नंबर रखें।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
nsap.nic.in पर जाएं और विधवा पेंशन योजना के आवेदन का विकल्प ढूंढें।
आधार नंबर, नाम, उम्र, पता और बैंक की जानकारी भरें।
स्कैन किए गए कागज़ अपलोड करें, जानकारी जांचें और फॉर्म जमा करें।
आवेदन नंबर नोट कर लें, ताकि बाद में स्टेटस देख सकें।
ऑफलाइन आवेदन कैसे करें?
आप अपनी ग्राम पंचायत, ब्लॉक कार्यालय या शहरी निकाय कार्यालय में भी आवेदन कर सकते हैं।
विधवा पेंशन का आवेदन फॉर्म मांगें और कार्यालय के कर्मचारियों की मदद से भरें।
फॉर्म के साथ कागज़ों की कॉपी जमा करें, और रसीद ज़रूर लें।
स्टेटस कैसे देखें, और पेंशन रुक जाए तो क्या करें?
nsap.nic.in पर आवेदन नंबर डालकर अपने आवेदन का स्टेटस देखें।
अगर पेंशन रुकी हो, तो जांचें कि बैंक खाता आधार से जुड़ा है और जानकारी मेल खाती है।
आप पंचायत या ब्लॉक कार्यालय जाकर रिकॉर्ड जांचने को भी कह सकते हैं।
हेल्पलाइन और ज़रूरी सलाह
मदद के लिए अपने ज़िले या राज्य के NSAP कार्यालय से संपर्क करें, या संपर्क विवरण के लिए nsap.nic.in देखें।
पेंशन के लिए किसी एजेंट या व्यक्ति को पैसे न दें। सरकारी आवेदन मुफ्त है।
नकली वेबसाइट और OTP या बैंक विवरण मांगने वाले फोन से सावधान रहें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या विधवा पेंशन हटा दी गई है?
नहीं। कैबिनेट ने योजना का नाम बदला है, पर विधवा पेंशन अपने मौजूदा रूप में जारी है।
विधवा पेंशन कितनी है?
केंद्र की पेंशन 2012 में बढ़ाकर 300 रुपये महीना की गई थी। ताज़ा आंकड़े के लिए nsap.nic.in देखें।
उम्र की सीमा क्या है?
40 साल या उससे ज़्यादा उम्र की विधवाएं आवेदन कर सकती हैं। ऊपरी उम्र सीमा 79 साल तय की गई है।
क्या पेंशन बैंक खाते में आती है?
हां। पेंशन सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जाती है।
क्या बिना दफ्तर जाए आवेदन कर सकते हैं?
हां, आप nsap.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। स्थानीय कार्यालय में ऑफलाइन भी आवेदन हो सकता है।
आधिकारिक लिंक
यह गाइड योजना के आधिकारिक नियमों पर आधारित है। नियम और रकम बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर ज़रूर जांचें। News Anek सरकारी वेबसाइट नहीं है।