यहां पूरी योजना एक जगह है: क्या मिलता है, कौन पात्र है, आवेदन कैसे करें, और क्या जांचें।
| योजना | नि-क्षय पोषण योजना (NPY), प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत |
|---|---|
| मंत्रालय | स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार |
| फायदा | इलाज के दौरान पोषण के लिए हर महीने 1,000 रुपये, कुछ मामलों में अतिरिक्त भोजन सहायता |
| कौन आवेदन कर सकता है | नि-क्षय प्रणाली में दर्ज, टीबी का इलाज करा रहे मरीज |
| पैसा कैसे मिलता है | मरीज के बैंक खाते में सीधे (DBT) |
| कहां से लाभ लें | नि-क्षय पोर्टल (nikshay.in), या टीबी इलाज केंद्र या जिला टीबी अधिकारी |
| आवेदन शुल्क | मुफ्त |
एक नज़र में
- इलाज की पूरी अवधि में हर महीने पोषण के लिए 1,000 रुपये।
- BMI 18.5 से कम वाले मरीजों को पहले दो महीने अतिरिक्त ऊर्जा-युक्त आहार।
- पैसा सीधे बैंक खाते में आता है।
- आपका टीबी इलाज नि-क्षय प्रणाली में दर्ज होना चाहिए।
तो टीबी मरीज को असल में क्या मिलता है?
इलाज करा रहे हर टीबी मरीज को पोषण सहायता के रूप में हर महीने 1,000 रुपये मिलते हैं।
यह राशि अक्टूबर 2024 में 500 रुपये से दोगुनी की गई थी। राशि बदल सकती है, इसलिए ताज़ा जानकारी आधिकारिक साइट पर जांचें।
यह पूरे इलाज की अवधि के लिए, सीधे बैंक खाते में डीबीटी से दी जाती है।
कम वजन वाले मरीजों को इलाज के पहले दो महीने ऊर्जा-युक्त पोषण सप्लीमेंट भी मिलता है। निदान के समय BMI 18.5 से कम होना चाहिए।
टीबी मरीज के घर के सदस्यों को भी नि-क्षय मित्र के ज़रिए खाद्य बास्केट मिल सकती है, ताकि परिवार की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़े।
यह सहायता किसे मिलती है, और किसे नहीं?
मुख्य शर्त सीधी है। आप टीबी मरीज हों और राष्ट्रीय टीबी कार्यक्रम के तहत इलाज करा रहे हों।
आपका मामला नि-क्षय प्रणाली में दर्ज होना चाहिए। यह आपका इलाज केंद्र या टीबी अधिकारी करते हैं।
यह योजना भारत के सभी टीबी मरीजों के लिए है, चाहे आय या वर्ग कुछ भी हो।
राष्ट्रीय कार्यक्रम के बाहर निजी इलाज पर यह लागू नहीं हो सकती। अपने नज़दीकी टीबी केंद्र से पूछें।
यह योजना क्यों शुरू हुई, और क्या बदला?
यह योजना 9 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत शुरू हुई।
इसे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय चलाता है। इसका उद्देश्य मरीजों को पोषण, जांच और रोज़गार सहायता देना है।
अक्टूबर 2024 में मासिक सहायता बढ़ाकर 1,000 रुपये की गई। टीबी मरीजों के घर के सदस्यों को भी इसमें शामिल किया गया।
कौन से कागज़ तैयार रखें?
आधार कार्ड और आधार से जुड़ा बैंक खाता तैयार रखें।
टीबी इलाज कार्ड या नि-क्षय आईडी रखें, जो आपका इलाज केंद्र देता है।
एक चालू मोबाइल नंबर रखें, ताकि अपडेट और OTP मिल सकें।
आवेदन कैसे करें, एक-एक कदम?
ज़्यादातर मरीज खुद आवेदन नहीं करते। आपका टीबी इलाज केंद्र आपको नि-क्षय प्रणाली में दर्ज करता है।
अपने नज़दीकी सरकारी टीबी केंद्र या जिला टीबी अधिकारी के दफ्तर में जाकर पोषण सहायता की बात कहें।
आधार और बैंक की जानकारी दें। वे nikshay.in पर आपका रिकॉर्ड अपडेट करेंगे।
मामले की पुष्टि होने के बाद आपके बैंक खाते में भुगतान शुरू होता है।
भुगतान कैसे जांचें, और अटके तो क्या करें?
इलाज केंद्र या टीबी अधिकारी से नि-क्षय प्रणाली में भुगतान की स्थिति जांचने को कहें।
देरी की सबसे आम वजहें हैं: बैंक खाता आधार से नहीं जुड़ा, या रिकॉर्ड में गलत जानकारी।
मदद के लिए राष्ट्रीय टीबी हेल्पलाइन 1800116666 पर फोन कर सकते हैं।
ज़रूरी सुझाव और चेतावनी
इस सहायता के लिए किसी को पैसे न दें। सरकारी टीबी केंद्र इसके लिए शुल्क नहीं लेते।
OTP, PIN या पैसे मांगने वाले फोन से सावधान रहें। अपनी जानकारी केवल सरकारी टीबी केंद्र पर दें।
टीबी की दवा समय पर लेते रहें। सहायता केवल इलाज की अवधि में मिलती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
टीबी मरीज को हर महीने कितने पैसे मिलते हैं?
इलाज के दौरान हर महीने 1,000 रुपये, जो अक्टूबर 2024 में 500 रुपये से दोगुने हुए। ताज़ा राशि nikshay.in पर जांचें।
क्या अलग से आवेदन करना होता है?
आमतौर पर नहीं। आपका टीबी इलाज केंद्र आपको नि-क्षय प्रणाली में दर्ज करता है, और सहायता आपके मामले से जुड़ी होती है।
क्या मरीज के घर के सदस्यों को भी पैसे मिलते हैं?
घर के सदस्यों को मुख्यतः नि-क्षय मित्र के ज़रिए बांटी जाने वाली खाद्य बास्केट मिलती है। इस योजना में उन्हें सीधे नकद नहीं दिया जाता।
यह सहायता कितने समय तक मिलती है?
टीबी इलाज की पूरी अवधि तक। इलाज खत्म होते ही भुगतान रुक जाता है।
क्या कम वजन होने पर भी मदद मिलती है?
हां। BMI 18.5 से कम वाले मरीजों को इलाज के पहले दो महीने ऊर्जा-युक्त पोषण सप्लीमेंट मिलता है।
आधिकारिक लिंक
यह गाइड योजना के आधिकारिक नियमों पर आधारित है। नियम और रकम बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर ज़रूर जांचें। News Anek सरकारी वेबसाइट नहीं है।