यहां पूरी योजना एक जगह है: क्या मिलता है, कौन पात्र है, आवेदन कैसे करें, और क्या जांचें।
| योजना | प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) |
|---|---|
| मंत्रालय | कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार |
| फायदा | फसल नुकसान पर बीमा कवर, प्रीमियम खरीफ में 2%, रबी में 1.5% और वाणिज्यिक या बागवानी फसलों में 5% |
| कौन आवेदन कर सकता है | अधिसूचित फसल और क्षेत्र में खेती करने वाले किसान, बटाईदार और काश्तकार सहित |
| पैसा कैसे मिलता है | दावे की रकम आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे (DBT) |
| कहां आवेदन करें | pmfby.gov.in, बैंक शाखा (ऋणी किसान), कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या बीमा कंपनी का एजेंट |
| आवेदन शुल्क | सिर्फ किसान का हिस्सा प्रीमियम, जो बहुत कम है |
एक नज़र में
- खरीफ की खाद्यान्न और तिलहन फसल पर किसान को बीमा राशि का सिर्फ 2% देना होता है।
- योजना में सूखा, बाढ़, कीड़े, बीमारी, ओलावृष्टि और दूसरे प्राकृतिक जोखिम कवर होते हैं।
- ऋणी किसान अपने आप कवर होते हैं, और बाकी किसान स्वेच्छा से जुड़ सकते हैं।
- कटाई के लगभग दो महीने के अंदर दावे का भुगतान होना चाहिए।
तो किसान को असल में क्या मिलता है?
अगर आपकी अधिसूचित फसल किसी कवर जोखिम से खराब होती है, तो नुकसान की भरपाई मिलती है।
योजना में कम बारिश से बुवाई न हो पाना, खड़ी फसल का नुकसान, कटाई के बाद का नुकसान और स्थानीय आपदाएं कवर होती हैं।
किसान थोड़ा प्रीमियम देता है। बाकी प्रीमियम सरकार देती है, और ज़्यादातर मामलों में बड़ा हिस्सा सरकार का होता है।
उत्तर-पूर्वी राज्यों, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के किसानों का पूरा प्रीमियम सरकार देती है।
सरकार ने जंगली जानवरों से फसल नुकसान को भी भुगतान का आधार बनाने का फैसला किया है, हालांकि राज्य इसे अलग तरह से लागू कर सकते हैं। रकम बदल सकती है, इसलिए आधिकारिक साइट पर पुष्टि करें।
कौन आवेदन कर सकता है, और कौन नहीं?
खरीफ या रबी के दौरान अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल उगाने वाला कोई भी किसान आवेदन कर सकता है।
बटाईदार और काश्तकार भी शामिल हैं, अगर उनके पास वैध भूमि समझौता या काश्तकारी पत्र है।
जो परिवार कृषि भूमि साझा करते हैं, वे आवेदन कर सकते हैं, भले ही कागज़ात एक सदस्य के नाम पर हों।
किसान का फसल में बीमा योग्य हित होना चाहिए, यानी वह सच में फसल उगाता है और नुकसान सहता है।
अगर उसी फसल नुकसान के लिए किसी और स्रोत से मुआवज़ा मिल चुका है, तो दोबारा दावा नहीं कर सकते।
युद्ध, परमाणु जोखिम या दुर्भावनापूर्ण नुकसान जैसे जोखिम से हुआ नुकसान कवर नहीं होता।
कौन से कागज़ तैयार रखें?
आधार कार्ड और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर तैयार रखें।
बैंक पासबुक रखें, जिसमें खाता नंबर और IFSC कोड हो।
भूमि के कागज़ रखें, जैसे भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र, या किराये पर खेती है तो वैध काश्तकारी समझौता।
पहचान के लिए पैन कार्ड, वोटर आईडी, किसान फोटो पासबुक या मनरेगा जॉब कार्ड भी मांगा जा सकता है।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें, एक-एक कदम?
pmfby.gov.in पर जाएं और Farmer Corner खोलें।
मोबाइल नंबर और आधार विवरण से रजिस्टर करें।
ज़मीन, फसल और बैंक की जानकारी भरें, और सब कुछ ध्यान से जांचें।
फॉर्म जमा करें। आवेदन नंबर संभालकर रखें, आगे की जांच के लिए काम आएगा।
क्या बैंक या CSC पर ऑफलाइन आवेदन हो सकता है?
ऋणी किसान उसी बैंक शाखा में आवेदन कर सकते हैं जहां से फसल ऋण लिया है। प्रीमियम ऋण खाते से कट जाता है।
आप नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर ऑपरेटर से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
किसी सूचीबद्ध बीमा कंपनी का अधिकृत एजेंट भी आपका नामांकन कर सकता है।
स्टेटस कैसे देखें, और दावा रुक जाए तो क्या करें?
आवेदन नंबर से पोर्टल पर अपने आवेदन और दावे का स्टेटस देखें।
अगर दावे में देरी हो, तो हेल्पलाइन या बीमा कंपनी को आवेदन नंबर के साथ शिकायत करें।
आप आधिकारिक पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
कोई एजेंट अतिरिक्त पैसे मांगे तो सावधान रहें। सिर्फ आधिकारिक प्रीमियम बैंक, CSC या अधिकृत माध्यम से दें।
आधिकारिक लिंक
यह गाइड योजना के आधिकारिक नियमों पर आधारित है। नियम और रकम बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर ज़रूर जांचें। News Anek सरकारी वेबसाइट नहीं है।