यहां पूरी योजना एक जगह है: क्या मिलता है, कौन पात्र है, आवेदन कैसे करें, और क्या जांचें।
| योजना | प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) |
|---|---|
| मंत्रालय | कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार |
| फायदा | साल में 6,000 रुपये, 2,000 रुपये की 3 किस्तों में |
| कौन आवेदन कर सकता है | खेती की ज़मीन वाले किसान परिवार |
| पैसा कैसे मिलता है | आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे (DBT) |
| कहां आवेदन करें | pmkisan.gov.in, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या राज्य कृषि कार्यालय |
| आवेदन शुल्क | मुफ्त |
एक नज़र में
- साल में तीन बार 2,000 रुपये, यानी कुल 6,000 रुपये।
- ज़मीन राज्य के भूमि रिकॉर्ड में परिवार के नाम होनी चाहिए।
- इनकम टैक्स देने वाले और ज़्यादातर सरकारी कर्मचारी इसके पात्र नहीं हैं।
- ई-केवाईसी ज़रूरी है, वरना किस्त रुक सकती है।
तो किसान को असल में क्या मिलता है?
हर पात्र किसान परिवार को साल में अधिकतम 6,000 रुपये मिलते हैं।
यह पैसा 2,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में आता है।
पैसा सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में जाता है। बीच में कोई बिचौलिया नहीं होता।
यह योजना दिसंबर 2018 में शुरू हुई और 24 फरवरी 2019 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से पहली बार लॉन्च हुई।
रकम और नियम बदल सकते हैं, इसलिए ताज़ा जानकारी आधिकारिक साइट पर ज़रूर देखें।
कौन आवेदन कर सकता है, और कौन नहीं?
बुनियादी नियम आसान है। परिवार के नाम खेती की ज़मीन होनी चाहिए, और भूमि रिकॉर्ड में यह दर्ज होना चाहिए।
कुछ लोग ज़मीन होने पर भी बाहर हैं। संस्थागत ज़मीन मालिक बाहर हैं। संवैधानिक पद पर रहे या मौजूदा लोग भी बाहर हैं।
केंद्र और राज्य सरकार के मौजूदा या रिटायर्ड कर्मचारी भी बाहर हैं। मल्टी टास्किंग स्टाफ, चतुर्थ श्रेणी और ग्रुप D कर्मचारी इसमें छूट पाते हैं।
जिन रिटायर्ड लोगों की पेंशन 10,000 रुपये महीना या उससे ज़्यादा है, वे आवेदन नहीं कर सकते। पिछले असेसमेंट ईयर में इनकम टैक्स भरने वाले भी नहीं कर सकते।
प्रैक्टिस करने वाले रजिस्टर्ड डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्किटेक्ट भी बाहर हैं।
आवेदन कैसे करें, एक-एक कदम?
pmkisan.gov.in पर जाएं और New Farmer Registration चुनें।
आधार नंबर, मोबाइल नंबर और राज्य भरें। फिर अपनी ज़मीन की जानकारी डालें।
आप कॉमन सर्विस सेंटर से, या गांव या ब्लॉक के कृषि अधिकारी के ज़रिए भी आवेदन कर सकते हैं।
इसके बाद राज्य सरकार आपके भूमि रिकॉर्ड की जांच करती है। उसके बाद ही पैसा आना शुरू होता है।
कौन से कागज़ तैयार रखें?
आधार कार्ड और आधार से जुड़ा बैंक खाता तैयार रखें।
ज़मीन के कागज़, जैसे खतौनी या अधिकार अभिलेख, और एक मोबाइल नंबर रखें।
ई-केवाईसी ज़रूरी है। यह पोर्टल पर OTP से, CSC पर, या पीएम किसान ऐप से हो सकती है।
पैसा न आए तो क्या जांचें?
सबसे पहले पोर्टल पर Know Your Status खोलें। रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर डालें।
ज़्यादातर किस्तें तीन वजहों से रुकती हैं। ई-केवाईसी नहीं हुई, बैंक खाता आधार से नहीं जुड़ा, या ज़मीन का सत्यापन नहीं हुआ।
आप पीएम किसान हेल्पलाइन 155261 या 011-24300606 पर भी फोन कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पति और पत्नी दोनों को पीएम किसान मिल सकता है?
परिवार को पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों के रूप में गिना जाता है। आम तौर पर एक ही सदस्य को लाभ मिलता है, इसलिए नियम पोर्टल पर देखें।
आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
पीएम किसान एक लगातार चलने वाली योजना है, इसकी कोई तय आखिरी तारीख नहीं है। मौजूदा स्थिति pmkisan.gov.in पर देखें।
क्या रजिस्ट्रेशन मुफ्त है?
हां, पोर्टल या CSC पर रजिस्ट्रेशन मुफ्त है। पैसे मांगने वाले एजेंटों से सावधान रहें।
पैसा कौन देता है?
केंद्र सरकार यह पैसा सीधे किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजती है।
आधिकारिक लिंक
यह गाइड योजना के आधिकारिक नियमों पर आधारित है। नियम और रकम बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर ज़रूर जांचें। News Anek सरकारी वेबसाइट नहीं है।